How Many Fart Is Normal Per Day: किडनी, लिवर और दिल ही नहीं बल्कि पेट से जुड़ी दिक्कतों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. क्योंकि जब हमारा पेट सही रहता है तो आधे से ज्यादा बीमारियां हम से दूर रहती हैं. आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं. घर के खाने की बजाय बाहर का जंक फूड खाने की वजह से अधिकतर लोग पेट से जुड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं. रोज सुबह पेट साफ होना बहुत आम बात है और यह सही डाइजेशन की निशानी भी है. उसी तरह गैस पाना भी बहुत नेचुरल है और यह न होना भी शरीर में परेशानी का संकेत हो सकता है.
गैस पास करना या फार्ट करना बहुत सामान्य चीज है, लेकिन लोग इसे मजाक की तरह लेते हैं. मगर लोग इस बात अनजान है कि फार्ट के जरिए हमारा शरीर हमें यह बता रहा होता है कि हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम सही से काम कर रहा है. क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो के अनुसार, रोजाना कितना फार्ट आना नॉर्मल है और कब यह किसी परेशानी की तरफ संकेत है. यह एक अच्छे गट हेल्थ की निशानी होती है इसलिए हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हमारा शरीर हमसे क्या कह रहा है.
फार्ट एक नेचुरल प्रोसेस है और इसके जरिए पता चलता है कि हमारा पाचन तंत्र सही से काम कर रहा है. जब शरीर खाने को पचाता है और खाने या पीने के दौरान हवा निगल ली जाती है, जिससे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन के साथ कई गैसें पैदा होती हैं. इन गैसों का निकलना रोजाना सामान्य शारीरिक जरूरत का हिस्सा है और हेल्दी गट का संकेत देता है.
अब सवाल यह है कि एक दिन में कितनी बार फार्ट करना नॉर्मल है और कब परेशानी की बात है. रयान फर्नांडो के मुताबिक, एक दिन में अधिकतर लोग 10 से 20 बार फार्ट करते हैं, एक दिन में इतनी बार गैस पाना नॉर्मल है. शरीर से निकलने वाली गैसें, जिनमें नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड से कोई बदबू नहीं आती है, जबकि सिर्फ एक छोटी-सी मात्रा में स्मेल होती है. अगर कोई इतनी बार फार्ट कर रहा है तो यह इस बात का इशारा है कि उसका शरीर खाने को सही मात्रा में डाइजेस्ट कर रहा है.
रोजाना गैस पास होने में कुछ उतार-चढ़ाव सामान्य है, लेकिन नियमित रूप से दिन में 20 से अधिक बार गैस बनना डाइट में गड़बड़ी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है. अगर गैस बहुत अधिक हो और उसके साथ दर्द, पेट फूलना या मल त्याग की आदतों में बदलाव हो, तो तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा.