scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: अमेरिकी जज पर हमले के इस वीडियो का फिलिस्तीन से नहीं है कोई संबंध

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि एक महिला जब कथित तौर पर सभी फिलिस्तीनियों के विनाश की वकालत कर रही थी, तो इससे वहां मौजूद मुस्लिम पत्रकार अपना आपा खो बैठा और उसपर हमला कर दिया. जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई-

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
वीडियो में दिखाई देता है कि एक मुस्लिम पत्रकार ने फिलिस्तीनियों के विनाश की वकालत कर रही अमेरिकी मंत्री पर हमला कर दिया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
इस घटना का फिलिस्तीन से कोई संबंध नहीं है. वीडियो में दिख रही महिला अमेरिकी मंत्री नहीं, बल्कि एक जज है.

सोशल मीडिया पर किसी शख्स का एक महिला की अध्यक्षता वाली बेंच पर कूदने का वीडियो  हो रहा है. इसे शेयर करने वालों की मानें तो ये शख्स एक मुस्लिम पत्रकार है और वीडियो में दिखने वाली महिला अमेरिकी मंत्री है. दावा किया जा रहा है कि ये महिला जब कथित तौर पर सभी फिलिस्तीनियों के विनाश की वकालत कर रही थी, तो इससे वहां मौजूद मुस्लिम पत्रकार अपना आपा खो बैठा और उसपर हमला कर दिया. वीडियो में पीछे अमेरिका का झंडा भी दिखाई देता है.

वायरल वीडियो को शेयर करते हुए , “अमेरिकी मंत्री ने कहा कि अगर सभी फिलिस्तीनियों को मार दिया जाए तो वहां मौजूद एक मुस्लिम पत्रकार मंत्री पर कूद पड़ा. बाकी स्थिति आप खुद देख सकते हैं!” इस पोस्ट का यहां देखा जा सकता है.

'आजतक' फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल हो रहा सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक है. ये वीडियो असल में अमेरिका की एक अदालत का है, जब किसी सुनवाई के दौरान एक आरोपी शख्स ने जज पर हमला कर दिया था.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें जनवरी, 2024 की कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं.  की 3 जनवरी, 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार ये घटना अमेरिका के नेवादा शहर की एक अदालत की है. इसमें बताया गया है कि जब क्लार्क काउंटी की जिला जज मैरी के होल्थस आरोपी की सजा पर सुनवाई कर रही थीं, तभी इस आरोपी शख्स ने जज की मेज पर छलांग लगा दी और उनके ऊपर जा गिरा. इसके चलते वे सीट से गिर गईं और उन्हें कुछ चोटें भी आईं. आगे दी गई जानकारी के मुताबिक जज को इस अप्रत्याशित हमले से बचाने के दौरान एक कोर्टरूम मार्शल भी घायल हो गया था. 

Advertisement

30 वर्षीय आरोपी देवबरा रेड्डन को जज पर हमला करने के लिए चार साल (  ) सुनाई गई. रेड्डन की मां के अनुसार रेड्डन सिजोफ्रेनिया और से पीड़ित है. हालांकि अदालत ने पाया कि रेड्डन पर मुकदमा चलाया जा सकता है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेड्डन का आपराधिक इतिहास रहा है. इससे पहले भी साल 2015 में चोरी के आरोप में और 2021 में घरेलू हिंसा के आरोप में रेड्डन सजा काट चुका है.

कई रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि करती हैं कि इस घटना का कोई संबंध नहीं है. साफ है कि वीडियो में दिख रही इस जज को अमेरिकी मंत्री और इस आरोपी शख्स को मुस्लिम पत्रकार बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है.

---- समाप्त ----

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement