scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर हो रहा 'किसान रैप' का एक साल पुराना वीडियो

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर किया जा रहा सांथनम श्रीनिवासन अय्यर नाम के गायक का ये रैप वीडियो साल 2019 में ‘एमटीवी हसल’ नाम के रियलिटी शो में दिखाया गया था.

फैक्ट चेक फैक्ट चेक

किसान चक्रव्यूह में अभिमन्यु,

दुर्दशा कसूर किसका,

मजबूरन आंदोलन का रस्ता,

सड़कों पे उतरना पड़ रहा

ये हैं उस गीत के कुछ बोल, जिसे लोग ‘किसान आंदोलन का रैप गीत’ बताते हुए शेयर कर रहे हैं. गीत का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर कह रहे हैं कि इसे हाल ही में एमटीवी चैनल पर प्रसारित किया गया है.

एक फेसबुक यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “किसान आंदोलन के समर्थन में किस किस पर मुकदमा ठोकोगे? अब MTV पर भी मुकदमा ठोको सरकार! मिस इंडिया कॉन्टेस्ट के बाद एक बार फिर से गूंजा किसान आंदोलन का मुद्दा MTV पर, जजों ने स्टैंडिग ओबिएशन दी है.”

टीम किसान नाम से बने ट्विटर अकाउंट पर इसे शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा गया, जिसका हिंदी अनुवाद है, “किसानी रैप! भाई ने दो मिनट में पूरा सिस्टम हिला दिया. #KisanAndolan”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर किया जा रहा सांथनम श्रीनिवासन अय्यर नाम के गायक का ये रैप वीडियो साल 2019 में ‘एमटीवी हसल’ नाम के रियलिटी शो में दिखाया गया था. मौजूदा किसान आंदोलन से इसका कोई संबंध नहीं है.

सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग मान रहे हैं कि ये वीडियो सचमुच हाल ही में एमटीवी चैनल पर दिखाया गया. इस वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, “एक बार फिर से गूंजा किसान आंदोलन का मुद्दा MTV पर”

क्या है सच्चाई

देश में तीन नए कृषि कानून सितंबर 2020 में लागू हुए थे, जबकि वायरल वीडियो साल 2019 से ही इंटरनेट पर मौजूद है.

वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये एक गाने डाउनलोड करने वाली वेबसाइट ‘downloadming’  पर मिला.  यहां इस गीत के वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, ‘ईपीआर तोबे एकला चलो रे’. साथ ही, ‘एब्सट्रैक्टेड टीवी’ भी लिखा हुआ है.

इन कीवर्ड्स को सर्च करने पर हमें ‘एब्सट्रैक्टेड टीवी’ नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिल गया. यहां इसे 8 नवंबर 2019 को अपलोड किया गया था. यहां वीडियो के साथ कैप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक, ये ‘एमटीवी हसल’ नाम के रैप रियलिटी शो में पेश किया गया था.

 

ईपीआर अय्यर इस गीत के गायक का लोकप्रिय नाम है. उनका असली नाम सांथनम श्रीनिवासन अय्यर है. उन्होंने 15 अक्टूबर 2019 को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम चैनल पर इस गीत का वीडियो शेयर किया था.

किसान आत्महत्या से प्रेरित है ये गीत

‘एनडीटीवी’ से बात करते हुए ईपीआर अय्यर ने बताया, “मैंने पिछले साल ‘एमटीवी हसल’ रियलिटी शो में हिस्सा लिया था. मेरा संगीत आंदोलन की कविताओं से काफी प्रेरित है. मुझे लगता है कि हिपहॉप संगीत सामाजिक जागरूकता फैलाने का एक अच्छा माध्यम है. एमटीवी हसल’ के फिनाले राउंड के लिए मैंने ‘एकला चलो रे’ गीत चुना क्योंकि ये बंगाल का गीत है, जहां से मैं आता हूं. एक और खास बात ये है कि उस वक्त सरकार किसानों की आत्महत्या से जुड़े आंकड़े साझा नहीं कर रही थी. मैंने किसानों के दर्द को महसूस किया और सोचा कि मुझे इस बारे में कुछ करना चाहिए. किसानों की समस्याओं को एक बड़े वर्ग तक पहुंचाने के लिए मैंने ये गीत गाया.”

 

 

यानी ये बात साफ है कि सोशल मीडिया पर किसानों के रैप गीत के नाम से जो वीडियो वायरल है, वो साल 2019 में एक रैप रियलिटी शो में प्रसारित किया गया था. न तो इसका वर्तमान किसान आंदोलन से कोई लेना-देना है और न ही इसे हाल-फिलहाल में एमटीवी पर प्रसारित किया गया था.  

अपडेट- ये स्टोरी लिखते समय हमने गायक ईपीआर अय्यर से संपर्क करने की कोशिश की थी, पर उस वक्त हमारी उनसे बात नहीं हो पाई थी. बाद में उन्होंने ‘आज तक’ के सवालों का जवाब देते हुए बताया, “ये बात सच है कि मेरा गाया हुआ जो गीत अभी ‘किसान रैप’ के नाम से वायरल हो रहा है, वो किसानों के आंदोलन और उनके आत्महत्या करने की घटनाओं के बारे में था. पर, ये गीत मैंने नए कृषि कानून लागू होने से काफी पहले साल 2019 में गाया था.”

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

किसान आंदोलन पर बना एक रैप गीत ‘तोबे एकला चोलो रे...’ हाल ही में MTV चैनल पर दिखाया गया.

निष्कर्ष

किसान आंदोलन से जुड़े रैप गीत के नाम पर जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वो साल 2019 में एमटीवी के एक रैप रियलिटी शो में दिखाया गया था.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें