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गालिब का रोल करना चाहता हूं: जयदीप अहलावत

बॉलीवुड की 'आक्रोश,' 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' 'खट्टा-मीठा' 'चिटगांव' और 'कमांडो' सरीखी फिल्मों में दमदार एक्टिंग कर इंडस्ट्री में बेहद कम समय में जगह बनाने वाले एक्टर जयदीप अहलावत की ख्वाइश है कि वह मशहूर शायर मिर्जा गालिब का रोल करें.

जयदीप अहलावत जयदीप अहलावत

बॉलीवुड की 'आक्रोश,' 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' 'खट्टा-मीठा' 'चिटगांव' और 'कमांडो' सरीखी फिल्मों में दमदार एक्टिंग कर इंडस्ट्री में बेहद कम समय में जगह बनाने वाले एक्टर जयदीप अहलावत की ख्वाहिश है कि वह मशहूर शायर मिर्जा गालिब का रोल करें. जयदीप जल्द ही फिल्म 'मेरठिया गैंगस्टर' में नजर आने वाले हैं. फिल्म के बारे में जब हमने जयदीप से बात की तो उन्होंने फिल्म के साथ-साथ अपने बारे में भी कई दिलचस्प बातें बताई.

किसी तरह की फिल्म है 'मेरठिया गैंगस्टर'?
'मेरठिया गैंगस्टर' एक क्राइम-कॉमेडी फिल्म है जो यूपी के मेरठ जिले के 6 बेरोजगार लेकिन महत्वाकांक्षी लड़कों की कहानी है. लड़के पैसे कमाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं और क्राइम करते हैं.

'मेरठिया गैंगस्टर' में आपका क्या रोल है?
मैं नितिन चौधरी नाम के एक अक्खड़ मेरठिया लड़के का किरदार निभा रहा हूं जो इन सबका लीडर होता है. हालांकि वह लीडर बस नाम का होता है लीडर से ज्यादा वह इन सबका दोस्त होता है, वह दोस्तों के साथ बेफिक्र होकर मजाक-मस्ती भी करता है.

जीशान के डायरेक्शन में काम करके कैसा लगा?
जीशान मेरे दोस्त हैं उन्हें फिल्मों की बेहतरीन समझ है. शूटिंग के दौरान अगर मुझे किसी सीन को लेकर डाउट होता था तो मैं जीशान की राय जरूर लेता था. हम सीन्स को लेकर जरूर चर्चा करते थे. कुल मिलाकर कहा जाए तो जीशान के डायरेक्शन में काम करने का अनुभव बेहतरीन रहा.

फिल्म की सबसे खास बात क्या लगी आपको?
फिल्म की सबसे खास बात यह है यह 6 दोस्तों की कहानी है जो सच्ची घटनाओं पर बेस्ड है. फिल्म में लड़कों का ग्रुप देसी अंडरवर्ल्ड जैसा है.

क्या आप हमेशा से एक्टर बनना चाहते थे?
मैं हमेशा से एक आर्मी ऑफिसर बनना चाहता था जिसकी कसक आज भी है जब भी कभी किसी आर्मी ऑफिसर को देखता हूं तो मैं कहीं खो सा जाता हूं. आर्मी मेरा पहला प्यार है जिसका मलाल मुझे हमेशा रहेगा. हालांकि मैं अपनी एक्टिंग लाइफ से भी खुश हूं.

इंडस्ट्री में कौन आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करता है?
मुझे इंडस्ट्री में मनोज बाजपाई बहुत प्रभावित करते हैं उनका काम करने का अंदाज मुझे बहुत पसंद है. वह बहुत ही 'डाउन टू अर्थ' इंसान हैं. मैं उन्हें अपना दोस्त मानता हूं पता नहीं वह मानते हैं कि नहीं (हंसते हुए).' अनुराग कश्यप और जीशान कादरी भी मेरे अच्छे दोस्त हैं.

इंडस्ट्री में जाने का सपना देखने वालों के लिए कोई सलाह?
ग्लैमर और शोहरत को देखकर बॉलीवुड कभी ना जाएं, बस पूरी मेहनत और लगन के साथ अपना काम करें क्योंकि इंडस्ट्री में मेहनत ही आपकी किस्मत तय करेगी. शुरुआत में भले ही सफलता ना मिले लेकिन अगर आप मेहनत करना नहीं छोड़ते तो एक ना एक दिन आपको सफलता जरूर मिल जाती है क्योंकि इंडस्ट्री में ऐसे कई एक्टर्स ऐसे आए जिनकी पहली फिल्म तो सुपरहिट रही लेकिन उसके बाद वह गुम हो गए. इसलिए लगातार मेहनत करते रहना ही सफलता का मूलमंत्र है.

 

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