वाह, क्या डायलॉग मारा है! हमारी हिंदी फिल्म अपने नायक-नायिकाओं के अलावा डायलॉग के लिए भी अमर हुई हैं. ऐसे संवाद, जो
अपने आप में एक इतिहास बन गए. खुद गौर कीजिए!
1995 में रिलीज हुई फिल्म 'देवदास' का यह हिट डायलॉग आज भी लोगों के जुबां पर आ ही जाता है. इस फिल्म के डायलॉग को लिखा राजिंदर सिंह बेदी और बिमल रॉय नें.
1960 में रिलीज हुई फिल्म 'मुग्ल-ए-आजम' में दीलिप कुमार की बेमिसाल अदाकारी के अंदाज में पेश किया गया यह डायलॉग बहुत
फेमस हुआ. इसे लिखा अमाल अमरोही, अमानुल्ला खान, वजाहत मिर्जा, अहसान रिजवी.
1965 में रिलीज हुई फिल्म 'वक्त' में राजकुमार के मुंह से निकलने वाले डायलॉग को लोगों
के दिलों पर राज करने से कोई रोक नहीं पाया. फिल्म के इस खास डायलॉग को लिखा अख्तर-उल
-इमान ने.
फिल्म 'पाकीजा' में अगर दिल छू लेने वाले प्रेम रस से भरे यह डायलॉग ना होते तो इस फिल्म
की जैसे आत्मा ही नहीं होती. फिल्म के इन दिलकश डायलॉग को लिखने वाले थे कमाल अमरोही.
'ओ बाबू मोशाय' कहने वाले राजेश खन्ना तो इस दुनिया से चले गए लेकिन उनकी फिल्म 'आनंद' में बोला गया यह डायलॉग आज भी लोगों दिलों में जिंदा है. इस डायलॉग को लिखा गुलजार
साहब ने.
एक्टर प्रेम चोपड़ा को आज भी लोग इस डायलॉग के लिए याद करते हैं. इंडस्ट्री में उनका यह डायलॉग खूब हिट हुआ. इसे लिखने
वाले थे के ए अब्बास.
'दीवार' फिल्म का यह डायलॉग आज भी बच्चे बच्चे की जुबां पर है. इस डायलॉग को लिखा
सलीम-जावेद ने.
इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की लिजेंड फिल्म कही जाने वाली फिल्म 'शोले' के इस डायलॉग्स को
शायद ही कोई सिनेप्रेमी हो जिसने अपनी जिंदगी में ना बोला हो. इन शानदार डायलॉग्स को लिखा
सलीम-जावेद ने.
बीते जमाने की हिट फिल्म 'कालीचरण' का यह डायलॉग भी काफी हिट रहा. इसे लिखने वाले
हैं जावेद अख्तर.
डॉन फिल्म के इस डायलॉग ने तो जैसे फिल्म इंडस्ट्री में धूम मचा दी. इस डायलॉग
को लिखा सलीम-जावेद ने.
क्या आप जानते है इस खास डायलॉग को किसने लिखा. इस डायलॉग लिखने वाले हैं कादर
खान.
'मिस्टर इंडिया' फिल्म में अगर यह डायलॉग ना होता तो शायद यह फिल्म अधूरी होती.
अमरीश पुरी के इस डायलॉग ने उन्हें बेस्ट विलेन का खिताब दिया.
सनी देओल की एक्टिंग का असर सबसे ज्यादा इसी डायलॉग में नजर आया. इस डायलॉग
को लिखा शांतनु गुप्ता और दिलीप शुक्ला.