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Ghatampur Assembly Seat: 2017 में पहली बार खिला था कमल, सुरक्षित सीट पर कब्जा बरकरार रख पाएगी बीजेपी?

घाटमपुर विधानसभा सीट कानपुर नगर जिले की सुरक्षित सीट है. इस सीट पर 2017 में पहली दफे कमल खिला था और बीजेपी की कमला रानी वरुण विधायक निर्वाचित हुई थीं.

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यूपी Assembly Election 2022 घाटमपुर विधानसभा सीट यूपी Assembly Election 2022 घाटमपुर विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर नगर जिले की सुरक्षित सीट है घाटमपुर विधानसभा
  • घाटमपुर में तीसरे चरण के तहत 20 फरवरी को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले की एक विधानसभा सीट है घाटमपुर विधानसभा सीट. घाटमपुर नगर की स्थापना राजा घाटमदेव ने की थी. घाटमपुर शहर के पूरब में कुष्मांडा देवी का प्राचीन मंदिर है तो वहीं शहर के दक्षिण में एक बौद्ध मंदिर भी. घाटमपुर, हमीरपुर जिले की सीमा पर स्थित है. यह नगर यमुना नदी के किनारे बसा है. घाटमपुर विधानसभा सीट कानपुर की सुरक्षित सीट है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

घाटमपुर विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो  ये सीट कानपुर की पुरानी विधानसभा सीटों में से एक है. घाटमपुर विधानसभा सीट से 1977 में जेएनपी और 1980, 1985, 1991 में कांग्रेस के टिकट पर कुंवर शिवनाथ सिंह कुशवाहा, 1989 में जनता दल के अग्निहोत्री राम आसरे, 1993 में जनता दल के राकेश सचान विधानसभा पहुंचे.

घाटमपुर विधानसभा सीट से 1996 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राजा राम पाल, 2002 में सपा के राकेश सचान, 2007 में बसपा के राम प्रकाश कुशवाहा विधायक निर्वाचित हुए. 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे इंद्रजीत कोरी विधानसभा पहुंचे. इंद्रजीत कोरी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा की सरोज कुरील को करीबी मुकाबले में 700 वोट से शिकस्त दी थी.

2017 का जनादेश
   
घाटमपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कमला रानी वरुण को उम्मीदवार बनाया. कमला रानी वरुण ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा की सरोज कुरील को 45178 वोट के बड़े अंतर से हराकर इस सीट पर पहली दफे कमल खिला दिया. कमला रानी वरुण को इसका इनाम भी मिला और सूबे की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. कमला रानी का कोरोना के कारण निधन होने के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के उपेंद्र नाथ पासवान ने इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा.

सामाजिक ताना-बाना

घाटमपुर विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो ये सीट अनुसूचित जाति बाहुल्य मानी जाती है. इस विधानसभा क्षेत्र में दलित मतदाताओं के साथ ही ब्राह्मण, ठाकुर और निषाद मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. यादव, कुर्मी, पाल और कुशवाहा मतदाता भी घाटमपुर विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

घाटमपुर विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के उपेंद्र नाथ का दावा है कि उनके कार्यकाल विधानसभा क्षेत्र के हर इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. विपक्षी दलों के नेता बीजेपी विधायक के दावे को हवा-हवाई बता रहे हैं. घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र में यूपी चुनाव के तीसरे चरण में 20 फरवरी को मतदान होना है. गौरतलब है कि यूपी के विधानसभा चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं. चुनाव नतीजे 10 मार्च को आएंगे.

 

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