उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में लोकसभा चुनाव अब दिलचस्प हो गया है. यहां बीएसपी ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए बीजेपी नेता के बेटे को टिकट दे दिया है. मायावती ने प्रतापगढ़ में प्रथमेश मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया है. वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं और उनके पिता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी बीजेपी के नेता हैं और कौशाम्बी लोकसभा के प्रभारी भी हैं.
प्रथमेश का जन्म 1990 में प्रतापगढ़ जिले में हुआ. उन्होंने बीए और एलएलबी तक पढ़ाई की है. वह सुप्रीम कोर्ट के वकील है. प्रथमेश अधिकतर दिल्ली या लखनऊ ही रहते हैं. उनकी एक बहन है जो उनसे छोटी है. प्रथमेश ने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है, मायावती ने उन्हें सीधे लोकसभा चुनाव में उतार दिया है. समाज में सेनानी परिवार का काफी सम्मान है. माता-पिता बीजेपी में और बेटा बीएसपी से चुनाव लड़ रहा है, इस पर परिजनों ने कहा कि बेटा स्वतंत्र है. हम बीजेपी के लिए कार्य कर रहे थे और करते रहेंगे.
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राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं माता-पिता
प्रथमेश के पिता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी कुंडा विधानसभा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ बीएसपी की टिकट पर 2007 और 2012 में चुनाव भी लड़ चुके हैं और 2004 में ही बीएसपी से प्रतापगढ़ लोकसभा से ताल ठोक चुके हैं. हालांकि तीनों ही चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. उसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. उसके बाद उनकी मां सिंधुजा मिश्रा ने 2022 के विधानसभा चुनावों में कुंडा विधानसभा क्षेत्र से राजा भैया के सामने चुनाव लड़ चुकी हैं. अब प्रथमेश प्रतापगढ़ लोकसभा के बीएसपी के प्रत्याशी हैं.
क्या बेटे के लिए प्रचार करेंगे माता-पिता?
राजनीति भी बड़ी अजीब चीज होती है. प्रथमेश के माता-पिता बीजेपी के एक्टिव कार्यकर्ता हैं तो वहीं खुद बीएसपी के प्रत्याशी हैं. ऐसे में क्या माता-पिता बेटे के लिए प्रचार करेंगे. इसके जवाब में आजतक से बात करते हुए शिव प्रकाश ने कहा कि हम बीजेपी के लिए कार्य कर रहे हैं और बेटा पूरी तरह स्वतंत्र है. वो कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है.