लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सीट बंटवारे को लेकर कई अहम परिवर्तन किए हैं. कई वरिष्ठ नेताओं के टिकट काटे गए हैं, वहीं कई नेताओं की सीट भी बदली गई है. इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी की सीटें आपस में बदल दी गई हैं. वरुण गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद हैं लेकिन इस बार उन्हें पीलीभीत से टिकट दिया गया है. वहीं पीलीभीत से सांसद मेनका गांधी को सुल्तानपुर संसदीय सीट से टिकट मिला है.
सीट बंटवारे पर मेनका गांधी का कहना है कि यह फैसला पार्टी का है. पार्टी जो फैसला करती है वह सिर-आंखों पर है. सुल्तानपुर से चुनावी तैयारियों पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का कहना है कि वे इसके लिए तैयार हैं. मेनका गांधी ने कहा, 'मैं तो तैयार हूं. सुल्तानपुर हमारा पुराना संसदीय क्षेत्र रहा है. मेरे पति भी वहां से थे. इसलिए मैं वहां जाकर खुश हूं.'
वरुण गांधी के पीलीभीत से चुनाव लड़ने पर मेनका गांधी का कहना है, 'मुझे उम्मीद है कि वह पार्टी की भी और मां की भी इज्जत रखेगा.'
चुनावी मुद्दों के सवाल पर मेनका गांधी कहती हैं कि उनकी पार्टी का चुनावी मु्द्दा देश की उन्नति और रक्षा है. उन्होंने कहा, 'हम लोगों ने पिछले 5 वर्षों में बहुत काम किया है. ऐसी तरक्की और ऐसा काम, देश ने कभी देखा नहीं. हर घर में शौचालय, बिजली, सड़क और किसानों को पैसा मिलना इसका उदाहरण है. जनता के लिए तरीके से कोशिश की गई है. लोकसभा 2019 का चुनाव इन्हीं मुद्दों पर लड़ा जाएगा.'
राहुल गांधी के राफेल मुद्दे पर मेनका गांधी ने कहा कि उन्हें असली मुद्दे ढूंढने चाहिए. वे उनके बयानों को ठीक नहीं मानती हैं.
प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर मेनका गांधी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता है इससे कुछ असर पड़ेगा. कांग्रेस पार्टी का धरती पर कोई पैर नहीं है. बीजेपी लोगों के भविष्य के बारे में काम करती है, उनके हित में हित में सोचती है.
हालांकि जब प्रियंका गांधी में इंदिरा की छवि देखने की बात उनसे पूछी गई तो मेनका गांधी ने कहा कि इस बारे में वे कुछ कहना नहीं चाहती हैं.
टिकट बंटवारे से पहले ऐसा कहा जा रहा था कि मेनका गांधी हरियाणा की करनाल संसदीय सीट से अपने लिए टिकट मांग रही थीं लेकिन पार्टी तैयार नहीं हुई. मेनका गांधी यह भी चाहती थीं कि वरुण गांधी को पीलीभीत से टिकट दिया जाए. पार्टी ने उनकी इस मांग को मंजूरी दे दी.