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BJP नेता बोलीं, नहीं करूंगी प्रचार... ‘मोदी तुझसे बैर नहीं, साध्वी तेरी खैर नहीं’

पिछले साल नवंबर में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में बीजेपी की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार रहीं फातिमा रसूल सिद्दकी ने साध्वी प्रज्ञा पर मुस्लमानों और मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे पर उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए उनके लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होने की घोषणा की है.

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बीजेपी नेता फातिमा रसूल सिद्दकी (फाइल फोटो)
बीजेपी नेता फातिमा रसूल सिद्दकी (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर उन्हीं की पार्टी (बीजेपी) की नेता ने अपना गुस्सा उतारा है. पिछले साल नवंबर में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में बीजेपी की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार रहीं फातिमा रसूल सिद्दकी ने साध्वी प्रज्ञा पर मुस्लमानों और मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे पर उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए उनके लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होने की घोषणा की है.

‘करकरे परिवार-मुसलमानों से माफी मांगे साध्वी’

फातिमा ने गुरुवार को कहा, ‘मैं उनके (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) लिए चुनाव प्रचार नहीं कर रही हूं, क्योंकि उन्होंने धर्म युद्ध छेड़ने जैसे बयान दिए हैं. 26/11 को मुंबई के आतंकी हमले में शहीद होने वाले पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ उनका विवादास्पद बयान भी मुझे बुरी तरह आहत कर गया.’ उन्होंने कहा, ‘धर्मयुद्ध और करकरे के खिलाफ प्रज्ञा का बयान मेरे समुदाय में भी अच्छा नहीं रहा है.’ फातिमा ने साध्वी प्रज्ञा से करकरे परिवार और मुसलमानों से माफी की मांग की है. साथ ही वह कहती हैं, 'मोदी तुझसे बैर नहीं, साध्वी तेरी खैर नहीं'

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साध्वी के बयान से शिवराज की छवि हुई खराब

मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मरहूम रसूल अहमद सिद्दीकी की बेटी फातिमा ने कहा, ‘उनके बयान से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि खराब हुई है, जिनका मुसलमानों से अच्छा संपर्क है.’ उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान गंगा जमुनी तहजीब (धर्मनिरपेक्ष संस्कृति) के एक मजबूत समर्थक हैं. बीजेपी नेता ने कहा, ‘मेरे समुदाय के लोगों में उनके (शिवराज चौहान के) प्रति बहुत सम्मान है.’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने पिता की पार्टी कांग्रेस में शामिल होने जा रही हैं, फातिमा ने कहा, ‘नहीं’.

चुनाव हार गई थीं फातिमा रसूल सिद्दीकी

डेंटिस्ट की पढ़ाई कर रही फातिमा राजनीति में कुछ समय पहले ही आई हैं. बीजेपी ने उन्हें मुस्लिम बहुल विधानसभा सीट भोपाल (उत्तर) से कांग्रेस के कद्दावर नेता आरिफ अकील को शिकस्त देने के इरादे से नवंबर 2018 में ही पार्टी में शामिल कर बीजेपी का उम्मीदवार बनाया था. फातिमा के पक्ष में अच्छी संख्या में मुस्लिम महिलाओं के प्रचार में शामिल होने के बावजूद वह यह चुनाव अकील से 34,857 मतों के अंतर से हार गई थीं. अकील मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मुस्लिम समुदाय के अकेले मंत्री हैं.

(पीटीआई के इनपुट के साथ)

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