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Bisfi Election Results 2020: बिस्फी सीट पर बीजेपी की जीत, पुष्पम प्रिया को मिली करारी हार

Bisfi Election Results 2020: बिस्फी विधानसभा में 7 नवंबर को तीसरे चरण के तहत वोटिंग हुई. तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए थे. बिस्फी सीट पर कुल 54.39% फीसदी लोगों ने वोट किया है.

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Bisfi Election Results 2020
Bisfi Election Results 2020
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे
  • महागठबंधन और एनडीए में टक्कर
  • पुष्पम प्रिया को मिली हार

बिस्फी विधानसभा सीट मधुबनी जिले के अंतर्गत आती है. इस सीट का लोकसभा क्षेत्र मधुबनी लोकसभा क्षेत्र ही है. बिहार की 243 विधानसभाओं में से एक इस सीट का सीट क्रमांक 35 है. यह विधानसभा उन चुनिंदा विधानसभाओं में से एक है, जहां 2,77,683 वोटर्स हैं. पुरुष वोटरों की संख्या 1,44,640 है, वहीं 1,33,038 महिला वोटर इस विधानसभा में हैं. इस बार बीजेपी ने इस सीट से जीत हासिल की है.

बिस्फी विधानसभा में 7 नवंबर को तीसरे चरण के तहत वोटिंग हुई. तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए थे. बिस्फी सीट पर कुल 54.39% फीसदी लोगों ने वोट किया है. बिस्फी सीट से बीजेपी के हरिभूषण ठाकुर ने जीत हासिल की. उनको 86574 वोट हासिल हुए. वहीं आरजेडी के फैयाज अहमद को अब तक 76333 वोट मिले हैं. इसके अलावा प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया भी इस सीट से उम्मीदवार थीं. हालांकि उनको केवल 1521 वोट ही मिले.

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2015 का चुनाव

2015 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी फैयाज अहमद को यहां से जीत मिली थी. उन्होंने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रत्याशी मनोज कुमार यादव को चुनाव में हराया था. महागठबंधन बनाम एनडीए की लड़ाई में जीत, महागठबंधन की हुई थी. तब राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी एनडीए का हिस्सा थी, वहीं जनता दल यूनाइटेड, महागठबंधन की. ऐसे में नीतीश-लालू फैक्टर यहां काम किया और जीत, फैयाज अहमद की हुई. 2015 के चुनाव में कुल 16 लोग चुनावी समर में थे, जिनमें 2 महिलाएं थीं. कुल 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी. इस चुनाव में लगभग 52 फीसदी लोगों ने मतदान किया था. हालांकि 2010 के चुनाव में भी इस सीट पर फैयाज अहमद की जीते थे. उन्होंने जेडीयू के हरिभूषण ठाकुर को मात दी थी. 

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सीट का इतिहास

इस विधानसभा सीट पर पहली बार 1967 में चुनाव हुआ. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेता आरके पूर्बे को इस सीट से जीत मिली. उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी नूरिद्दीन को मात दी थी. 1969 के चुनाव में भी आरके पूर्बे ही जीते. 1967 से 2000 तक यह सीट कभी कांग्रेस के पाले में गई, तो कभी सीपीआई के. वाम दलों की इस विधानसभा में 1995 तक पैठ रही. 

किस-किसके के बीच है मुकाबला?

बिस्फी विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है. अब यह हाई प्रोफाइल सीट के तौर पर उभर आई है. इस विधानसभा सीट पर तीन दिग्गज-आमने सामने हैं. महागठबंधन, एनडीए और प्लूरल्स पार्टी की लड़ाई इस विधानसभा सीट पर कांटे की है. महागठबंधन की ओर से इस सीट के मौजूदा विधायक और आरजेडी प्रत्याशी डॉक्टर फैयाज अहमद एक बार फिर चुनावी समर में हैं. एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हरिभूषण ठाकुर हैं. वहीं प्लूरल्स पार्टी की उम्मीदवार पुष्पम प्रिया भी मैदान में हैं. पुष्पम प्रिया के सामने आने से इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है.

पुष्पम प्रिया पहले अखबार की सुर्खियां बनीं, फिर सोशल मीडिया पर छा गईं, ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है. अन्य राजनीतिक दलों में समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक की ओर से यूसफ, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी तौकीर, जनतांत्रिक लोकहित पार्टी के अवधेश कुमार चुनावी समर में भाग्य आजमा रहे हैं.

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