पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. नतीजे आने के साथ ही हिंसा शुरू हो गई है. खबर है कि बंगाल में आरामबाग में बीजेपी दफ्तर में आग लगा दी गई. बीजेपी ने टीएमसी पर इसका आरोप लगाया है. इसी बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कोलकाता पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है. हालांकि इस घटना को लेकर टीएमसी ने सभी आरोपों को ख़ारिज किया है.
राज्यपाल ने ट्वीट करते हुए कहा है कि जनादेश का सम्मान करना ही लोकतंत्र है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. ऐसे में उन्होंने बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात भी कही है.
Democracy is all about respecting mandate of the people.
— Governor West Bengal Jagdeep Dhankhar (@jdhankhar1)
Violence has no place in democracy. Appreciate stance to observe Covid guidelines and peace.
Call upon state apparatus to take all steps to ensure peace and order.
इसके अलावा बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए कहा कि ममता जी को जीत की बधाई! हम जनता का फैसला स्वीकार करते हैं और वादा करते हैं कि विधानसभा में विपक्ष की रचनात्मक भूमिका निभाएंगे. लेकिन आप अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने के निर्देश दें, ताकि वे जीत की ख़ुशी में हमारे कार्यालयों को नुकसान न पहुंचाएं.
. जी को जीत की बधाई! हम जनता का फैसला स्वीकार करते हैं और वादा करते हैं कि विधानसभा में विपक्ष की रचनात्मक भूमिका निभाएंगे। लेकिन, आप अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने के निर्देश दें, ताकि वे जीत की ख़ुशी में हमारे कार्यालयों को नुकसान न पहुंचाएं।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline)
बता दें कि नतीजे सामने आते ही बंगाल में जगह-जगह से हिंसा की खबरें आने लगी हैं. खबरें ये भी हैं कि कूचबिहार में बीजेपी के एक उम्मीदवार की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई. कूचबिहार में ही बीजेपी के एक ऑफिस में भी तोड़फोड़ की खबरें हैं. कूचबिहार में ही बीजेपी कार्यकर्ता की तरफ से टीएमसी के कार्यकर्ता पर बम फेंका गया है.
इससे पहले भी दोपहर में नतीजे थोड़े साफ होते ही कोलकाता में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर के बाहर हंगामा किया था. टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर के बाहर जीत का जश्न मनाते हुए नारेबाजी की थी. जबकि, चुनाव आयोग ने जीत का जश्न ना मनाने की सख्त हिदायत दी थी. उसके बावजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने संक्रमण और चुनाव आयोग की गाइडलाइंस की परवाह किए बगैर बीजेपी दफ्तर के बाहर हंगामा किया.