गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day 2020) के जश्न की शुरुआत परेड से होती है वहीं जश्न का समापन 'बीटिंग रिट्रीट' सेरमनी के बाद होता है. ये गणतंत्र दिवस के ठीक तीन बाद आयोजित की जाती है. इस कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं. यह सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है. आपको बता दें, सभी महत्वपूर्ण सरकारी भवनों को 26 जनवरी से 29 जनवरी के बीच रोशनी से सुंदरतापूर्वक सजाया जाता है. आइए जानते हैं क्या होती है 'बीटिंग रिट्रीट'.
गणतंत्र दिवस पर सिर्फ परेड का ही आयोजन नहीं होता है. 26 जनवरी वाले पूरे सप्ताह में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिसमें बीटिंग रिट्रीट भी एक है. इस कार्यक्रम के बाद ही आधिकारिक रूप से गणतंत्र दिवस का समापन होता है. बता दें कि हर साल 29 जनवरी की शाम यानी गणतंत्र के तीसरे दिन बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होता है.
कैसे होता है ये कार्यक्रम
इसका आयोजन राष्ट्रपति भवन रायसीना हिल्स में किया जाता है, जिसके चीफ गेस्ट राष्ट्रपति होते हैं. यह आयोजन तीन सेनाओं के एक साथ मिलकर सामूहिक बैंड वादन से आरंभ होता है.
इसमें तीन सेनाओं के बैंड देश के राष्ट्रपति के सामने बैंड बजाते हैं. इस दौरान ड्रमर भी एकल प्रदर्शन (जिसे ड्रमर्स कॉल कहते हैं) करते हैं. इसके अलावा ड्रमर्स की ओर से एबाइडिड विद मी (यह महात्मा गांधी की प्रिय धुनों में से एक कहीं जाती है) बजाई जाती है और ट्युबुलर घंटियों की ओर से चाइम्स बजाई जाती हैं, जो काफी दूरी पर रखी होती हैं और इससे एक मनमोहक दृश्य बनता है.
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इस दौरान राष्ट्रपति वहां मौजूद होते हैं और यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन और संसद के पास विजय चौक पर आयोजित किया जाता है. बैंड वादन के बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है, जब बैंड मास्टर राष्ट्रपति के समीप जाते हैं और बैंड वापिस ले जाने की अनुमति मांगते हैं. इसका मतलब ये होता है कि 26 जनवरी का समारोह पूरा हो गया है और बैंड मार्च वापस जाते समय लोकप्रिय धुन "सारे जहां से अच्छा" बजाते हैं.
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शाम 6 बजे तीनों भारतीय सेनाओं के बैंड धुन बजाते हैं और राष्ट्रीय ध्वज को उतार लिया जाता है. इसके साथ ही राष्ट्रगान गाया जाता है और इस प्रकार गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक समापन होता है.
दो बार रद्द किया गया था ये कार्यक्रम
1950 में भारत के गणतंत्र बनने के बाद 'बीटिंग रिट्रीट' कार्यक्रम को अब तक दो बार रद्द किया गया था. 27 जनवरी 2009 को भारत के 8वें राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण का लंबी बीमारी के बाद निधन हो जाने के कारण बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था. उनका कार्यकाल 1987 से 1992 तक रहा. इससे पहले 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए भूकंप के कारण बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था.