जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (JMI) में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने पुलिस पर बर्बरता और बगैर इजाजत यूनिवर्सिटी में दाखिल होने के आरोप लगाए हैं. साथ ही ये आरोप भी है कि लाइब्रेरी में बैठे शांतिपूर्ण छात्रों और छात्राओं को लाठियों से पीटा गया. आइए जानते हैं कौन हैं नजमा अख्तर.
जामिया की स्थापना 1920 में हुई थी, जिसके 99 साल बाद जामिया को पहली महिला वाइस चांसलर अप्रैल, 2019 में मिली. नजमा अख्तर को पांच साल के लिए वाइस चांसलर के रूप में नियुक्त किया गया. बता दें, मणिपुर की राज्यपाल नजपा हेपतुल्ला जामिया की चांसलर हैं.
कहां हुई पढ़ाई
नजमा अख्तर का पूरा जीवन शिक्षा के लिए ही समर्पित रहा. स्कूली शिक्षा इलाहाबाद में लेने के बाद 11वीं और 12वीं बरेली से की. इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से वनस्पति शास्त्र में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एम. फिल किया. ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली नजमा अख्तर ने कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली.
शादी के बाद भी की पढ़ाई
नजमा की शादी 1973 में प्रोफेसर अख्तर मजीद से शादी हुई थी. शादी के बाद नजमा ने पढ़ाई जारी रखी और फिर एएमयू में बॉटनी की लेक्चरर बन गईं. एडमिनिस्ट्रेशन में दिलचस्पी होने की वजह से उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया और जॉइंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर नियुक्त की गईं. फिर एग्जामिनेशन कंट्रोलर के लिए अखिल भारतीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में चुनी गईं और वे सिर्फ एएमयू ही नहीं बल्कि पूरे देश की पहली महिला एग्जामिनेशन कंट्रोलर बन गईं. उन्होंने अपने जीवन के कई साल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल ऐंड प्लानिंग ऐंड एडमिनिस्ट्रेशन (नीपा) को दिए.
स्कॉलरशिप पर की पढ़ाई
नजमा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मैं हमेशा पढ़ाती रही, लेकिन कभी ये नहीं सोचा कि जामिया में वाइस चांसलर के रूप में नियुक्त हो जाऊंगी. लेकिन मैं इस पद के लिए हमेशा अप्लाई करती रहती थी. मैं बचपन से ही पढ़ाई का शौक रखती थी और हमेशा स्कॉलरशिप पर रही. भारत की बेस्ट स्कॉलरशिप मुझे मिली. इसी के साथ इंटरनेशनल स्कॉलरशिप भी मिली. नजमा अख्तर ने विदेशों में जाकर पढ़ाई की, इस पर उन्होंने बताया अगर कोई मनुष्य मन बना ले तो वह कुछ भी कर सकता है.
नजमा ने डॉक्टरेट बायो साइंसेज में ली है. लेकिन उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटर यानी शैक्षणिक संस्थानों पर ही फोकस किया है. इस पर उन्होंने बताया कि मेरे पास दो डिग्री हैं, एक बायो साइंस में और एक एजुकेशन में. ऐसे में मैंने दोनों डिग्रियों में संतुलन बनाया है. आपको बता दें, वह अलीगढ़ मुस्मिल यूनिवर्सिटी (AMU) ही नहीं बल्कि पूरे देश की पहली महिला एग्जामिनेशन कंट्रोलर बनीं थी.
All students of Jamia are back in hostel or r with their parents.Rumours that some student died is all false. Nobody has died here. Anybody from a mob who walks past Jamia area gets termed as Jamia students. We want a bypass made near campus: VC Jamia Millia Islamia, Najma Akhtar pic.twitter.com/bc27uQaIv3
— Smita Prakash (@smitaprakash) December 16, 2019