भारतीय नौसेना और IIT दिल्ली के बीच नौसेना इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के अंडरवाटर डोमेन में रीसर्च के लिए बुधवार 10 फरवरी को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. 1970 के दशक के बाद से यह रीसर्च जारी है और तब से IIT दिल्ली में सेंटर फॉर एप्लाइड रिसर्च इन इलेक्ट्रॉनिक्स (CARE) द्वारा पानी के नीचे इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कई टेक्नोलॉजी विकसित की गई है.
CARE, IIT दिल्ली लगभग 50 वर्षों से अंडरवाटर इलेक्ट्रॉनिक्स (UWE) के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान में शामिल है. CARE में किए गए रीसर्च ने भारतीय नौसेना द्वारा किए गए तकनीकी विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न के तहत , IIT दिल्ली भारतीय नौसेना के लिए प्रमुख टेक्नोलॉजिकल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करेगा.
& sign MoU on research in domain of Electronic Systems.
— SpokespersonNavy (@indiannavy)
The research work carried out at has played an important role in the technological advances made by the Indian Navy.
समझौता ज्ञापन कोलैबोरेटिव और को-ऑपरेटिव रीसर्च को बढ़ावा देगा और विचारों के आदान-प्रदान, नए ज्ञान और टेक्नोलॉजी के विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाले रीसर्च को बढ़ावा देगा. यह विशेष क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए वैज्ञानिकों, शिक्षकों और छात्रों को प्रोत्साहित करेगा. IIT दिल्ली भविष्य में प्रायोजित परियोजनाओं के माध्यम से उन्नत टेक्नोलॉजी के उन्नत रीसर्च और इसके डिस्ट्रिब्यूशन के माध्यम से भविष्य में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहेगा.