तबलीगी जमात के मरकज के चीफ मौलाना साद को दिल्ली के जाकिर नगर इलाके में लंबे समय बाद बाहर देखा गया है. कोरोना महामारी के दौरान लापरवाही के बाद विवाद में नाम आने के बाद पहली बार मौलाना साद को देखा गया है. मौलाना साद ने शुक्रवार को दिल्ली के जाकिर नगर इलाके में स्थित एक मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की.
कैमरे में मौलाना साद
मस्जिद जाते वक्त मौलाना साद का चेहरा कैमरे में कैद हुआ है. इस तस्वीर में मौलाना साद मास्क लगाकर हाथ में कुछ लेकर जाता हुआ दिख रहा है. निजामुद्दीन इलाके में स्थित जमात के मरकज मामले में FIR दर्ज होने के बाद से मौलाना साद अपने घर में कैद था.

दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद को कोरोना टेस्ट करवाने को कहा है. अब तक मौलाना साद ने अपनी कोरोना रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को नहीं सौंपी है और न ही वह पूछताछ में शामिल हुआ है.
20 सहयोगियों के साथ नमाज पढ़ने निकला
बताया जा रहा है मौलाना करीब अपने 20 सहयोगियों के साथ अबू बकर मस्जिद में सुरक्षा घेरे में नमाज अदा करने पहली बार घर से बाहर निकला था.
नमाज पढ़कर घर गया
सूत्रों के मुताबिक अबू बकर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने वाले सभी लोगों की लिस्ट तैयार होगी. जुमे की नमाज खत्म होते ही वह सीधा अपने उस घर की तरफ गया जहां मौलाना साद ने खुद को मार्च से क्वारनटीन कर रखा है.

बता दें कि 8 जून को देश के धार्मिक स्थल लंबे समय बाद खुले थे. 8 जून से कई मस्जिदें भी खुल गई थी. 8 जून को मस्जिद खुलने के बाद 12 जून को पहला शुक्रवार था. इस दौरान मौलाना साद नमाज पढ़ने मस्जिद आया था. चूंकि कोरोना के चलते मस्जिद में वजू की सुविधा खत्म कर दी गई है. इसी गाइडलाइन के तहत मौलाना साद वजू करके आया था.
मौलाना साद पर दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज में लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन कर भीड़ जुटाने का आरोप है. तबलीगी जमात के मरकज में मार्च के महीने में जलसे का आयोजन किया गया था, जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे.