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मोबाइल गेम में 'हथियार' खरीदने के चक्कर में बेटे ने पिता को लगाया 39 लाख का चूना

ताजनगरी आगरा में गेम खेलने के चक्कर में एक बच्चे ने अपने पिता को ही 39 लाख रुपये का चूना लगा दिया. दरअसल गेम के अगले स्टेज में हथियार खरीदने के लिए नाबालिग ने अपने पिता के अकाउंट से ही पेमेंट कर दिया. तीन महीने में उसके पिता के खाते से करीब 40 लाख रुपये कट गए.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गेम के चक्कर में बेटे ने पिता को लगाया चूना
  • आगरा की घटना, पूर्व फौजी के खाते से कट गए 39 लाख रुपये

यूपी के आगरा में एक बच्चे को ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलने की ऐसी लत लगी कि उसने अपने पिता को ही 39 लाख रुपये का चूना लगा दिया. गेम में आगे की स्टेज पर पहुंचने के लिए बच्चे ने पिता के खाते से इतनी बड़ी पेमेंट कर दी. 

अपने जीवन भर की कमाई लुट जाने के बाद पूर्व फौजी कोतवाल सिंह इंसाफ के लिए बैंक और पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं. बच्चे के गेम खेलने के चक्कर में पिता की जीवन भर की जमा पूंजी सिर्फ 3 महीने के अंदर गेम बनाने वाली कंपनी के खाते में चली गई.

घटना के सामने आने के बाद से ही बच्चे के पिता और पूर्व फौजी कोतवाल सिंह बेहद परेशान हैं. उन्होंने साइबर क्राइम थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है. बता दें कि कोतवाल सिंह का बेटा हाई स्कूल का छात्र है.

साइबर क्राइम थाना पहुंचे कोतवाल सिंह ने बताया कि साल 2021 में उनका बेटा नौवीं क्लास का छात्र था. ऑनलाइन क्लास के लिए उन्होंने बेटे को मोबाइल दिलवाया था और उसे गेम खेलने की लत लग गई.

उन्होंने कहा, बेटे ने जुलाई-अगस्त और सितंबर महीने में ऑनलाइन गेम खेला और उनके खाते में मौजूद 39 लाख रुपये निकल गए. जब वो बैंक गए तो पता चला कि उनके खाते में एक भी रुपये नहीं है. 

कोतवाल सिंह ने कहा, एक खाते से 21 लाख रुपये निकल गए हैं, जबकि दूसरे खाते से 18 लाख रुपये गायब है. दोनों खातों से इतनी बड़ी रकम की निकासी को लेकर जब उन्हें बैंक द्वारा जानकारी मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.

कोतवाल सिंह भागे-भागे पुलिस थाने पहुंचे. जांच की गई तो पता चला कि कोतवाल सिंह के खाते में से निकाली गई राशि गेम कंपनी के खाते में गई है. फिलहाल पुलिस ने कोतवाल सिंह से मिली शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 420, 120 बी, 34 और 66d आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.

पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है. पीड़ित कोतवाल सिंह ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वो अपने बच्चों पर जरूर नजर रखें. बच्चे मोबाइल में क्या कर रहे हैं? इसकी पूरी निगरानी करें, वरना उन्हें भी ऐसा ही बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है.

इस मसले पर कैमरे के सामने आकर कोई भी अधिकारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं. वहीं इस घटना को लेकर अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस गेम को बनाने वाली सिंगापुर की कंपनी ने भी इस पर अपना पक्ष रखा है.

गेम बनाने वाली कंपनी ने कहा है कि गेम्स के कई स्टेज पर हथियार पाने के लिए पैसे देने होते हैं. इसके साथ ही नियम और शर्ते भी लिखी होती हैं. उन्हें एग्री करके ही इसे खरीदा जा सकता है. इसमें कंपनी की कोई गलती नहीं है. बच्चों के माता-पिता को इसका ध्यान रखना चाहिए कि वो मोबाइल पर किस चीज के लिए पेमेंट कर रहे हैं.

बता दें कि भारत में पबजी बैन होने के बाद बैटल ग्राउंड्स इंडिया नाम के ऑनलाइन गेम ने लोगों को यहां अपना दीवाना बना दिया है और बच्चे इसे ज्यादा खेलना पसंद करते हैं. अब पुलिस ऐसे में कानूनी राय ले रही है कि कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है या नहीं. 

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