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Corona New Variant in India: भारत के 10 राज्यों में मिले नए कोरोना वैरिएंट के 69 केस, इजरायल के वैज्ञानिक ने चेताया

Corona New Variant in India: देश के 10 राज्यों में नए कोरोना वैरिएंट (BA.2.75) के करीब 70 मामले सामने आए हैं. इसको लेकर इजरायल के वैज्ञानिक ने चेताया है.

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भारत में कोरोना का नया वैरिएंट BA.2.75 मिला भारत में कोरोना का नया वैरिएंट BA.2.75 मिला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नए कोरोना वैरिएंट को BA.2.75 नाम दिया गया है
  • ICMR ने कहा- अभी पैनिक बटन दबाने की जरूरत नहीं

Corona New Variant in India: कोरोना वायरस (Coronavirus) करीब ढाई साल बाद भी दुनिया का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है. अब इजरायल के एक वैज्ञानिक ने चिकित्सा बिरादरी और महामारी पर्यवेक्षकों में घबराहट पैदा कर दी है. इजरायल के वैज्ञानिक डॉक्टर शाय फ्लीशोन (Shay Fleishon) ने दावा किया है कि भारत के 10 राज्यों में कोरोनावायरस का सब-वैरिएंट BA.2.75 मिला है.

डॉक्टर Shay Fleishon इजरायल के शीबा मेडिकल सेंटर में मौजूद सेंटर वायरोलॉजी लैब में कार्यरत हैं. उन्होंने लिखा है कि BA.2.75 के 2 जुलाई तक 85 सीक्वेंस अपलोड किये गए हैं. इनमें से ज्यादा भारत (10 राज्य) से हैं. बाकी सात अन्य देशों से हैं. फिलहाल ट्रांसमिशन की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

Shay Fleishon ने इन कोविड केसों के बारे में विस्तार से बताया भी है. डॉक्टर शाय के मुताबिक, 2 जुलाई तक भारत में कोविड के नए सबटाइप के 69 केस मिले थे. इसमें 27 महाराष्ट्र, 13 पश्चिम बंगाल, एक-एक दिल्ली और जम्मू कश्मीर और उत्तर प्रदेश, छह हरियाणा, तीन हिमाचल प्रदेश, 10 कर्नाटक, पांच मध्य प्रदेश, दो तेलंगाना में मिले.

जीनोम सीक्वेंसिंग के डेटा पर नजर रखने वाली साइट Nextstrain के मुताबिक, भारत के अलावा सात और देश हैं जहां नया कोविड वैरिएंट मिला है. Shay Fleishon ने BA.2.75 को सेकेंड जेनरेशन वैरिएंट बताया है. लिखा गया है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सेकेंड जेनरेशन वैरिएंट उन देशों से निकलकर दूसरे देश पहुंचे हैं, जहां वे पाये गए थे.

शाय फ्लीशोन ने आगे ट्वीट करते हुए यह भी लिखा कि BA.2.75 क्या आने वाले वक्त में दुनियाभर में फैल जाएगा यह इतनी जल्दी सामने नहीं आ सकता. लेकिन BA.2.75 चिंता पैदा करने वाला जरूर है. 

भारत का रुख क्या है?

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के टॉप वैज्ञानिक डॉक्टर समीरन पांडा से आजतक ने इसपर बात की. एक तरफ विदेशी वैज्ञानिक इसको लेकर चिंता में हैं. वहीं भारतीय वैज्ञानिक कहते हैं अभी पैनिक बटन दबाना जल्दबाजी होगी. वह बोले कि नए वैरिएंट का मिलना असामान्य नहीं है. वह बोले कि जैसे-जैसे वायरस सुस्त पड़ता जाएगा तो वैरिएंट सामने आएंगे. समीरन पांडा के मुताबिक, म्यूटेशन होना ही है, इसको लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए.

 

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