मद्रास हाई कोर्ट ने लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन, आश्रय और चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए कहा है.
इससे पहले महाराष्ट्र में फंसे 400 तमिल मजदूरों को वापस लाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि टेलीविजन पर दिखाई जा रही प्रवासी मजदूरों की दयनीय स्थिति बहुत ही दुखद है.
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कोर्ट ने केंद्र और राज्य को प्रवासी मजदूरों की विस्तृत जानकारी देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने प्रत्येक राज्य में कितने प्रवासी मजदूर हैं, कितने मजदूरों को वापस उनके गृह राज्य भेज दिया गया है, कितने वापस भेजे जाने की प्रक्रिया में हैं, साथ ही कितने मजदूरों की रास्ते में ही मौत हो गई, इस पर पूरा ब्यौरा मांगा है.
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कोर्ट में जब प्रवासी मजदूरों के मामले पर सुनवाई हुई तो याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रवासी मजदूर रेलवे स्टेशनों पर बिना भोजन के हैं. इस पर कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराए.
साथ ही कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों के रहने की व्यवस्था और मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है. इसे लेकर कोर्ट ने अधिकारियों को 8 जून तक रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
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