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Explainer: कोरोना से मौतों के आंकड़े पर विवाद क्यों उठ रहा है? WHO-लैंसेट और भारत के CRS के डेटा में इतना अंतर क्यों है?

Covid Deaths in India: भारत में कोरोना से होने वाली मौतों के सही आंकड़ों पर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने 2020 की सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 की तुलना में 2020 में 4.75 लाख ज्यादा मौतें दर्ज हुईं हैं.

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कोरोना की दूसरी लहर सबसे ज्यादा जानलेवा थी. (फाइल फोटो-PTI) कोरोना की दूसरी लहर सबसे ज्यादा जानलेवा थी. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • WHO का भारत में कोरोना से 40 लाख मौतों का अनुमान
  • साइंस जर्नल लैंसेट ने भी 40 लाख मौतों का अनुमान दिया है
  • सरकारी आंकड़ों में कोरोना से अब तक 5.23 लाख मौतें हुईं

Covid Deaths in India: देश में कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया. कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि भारत सरकार कोरोना से होने वाली मौतों के सही आंकड़ों को छिपा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि भारत में कोरोना से 40 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं. वहीं, सरकारी आंकड़ों में अब तक कोरोना से 5.23 लाख मौतें दर्ज की गईं हैं. 

भारत में कोरोना से होने वाली मौतों के सही आंकड़ों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. पिछले साल जून में अमेरिका के सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट ने भी एक रिपोर्ट जारी की थी. इसमें भारत में कोरोना से 49 लाख मौतें होने का अनुमान लगाया गया था. हालांकि, सरकार इन सभी रिपोर्ट्स को खारिज करती रही है. 

इसी बीच सरकार ने भी सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) की 2020 की रिपोर्ट जारी की है. इसमें 2020 में 81.11 लाख मौतों की जानकारी दी गई है. ये आंकड़ा 2019 की तुलना में 4.75 लाख ज्यादा है. 2019 में 76.41 लाख मौतें हुई थीं.

2019 की तुलना में 2020 में 4.75 लाख ज्यादा मौतें होने के कारण सवाल भी उठ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना की वजह से ही मौतों का आंकड़ा बढ़ा है. हालांकि, सरकार का कहना है कि 2020 में कोरोना से 1.48 लाख मौतें हुई थीं. 

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भारत में कोविड डेथ पर तीन डेटा

- WHO: पिछले महीने अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक आर्टिकल छापा था. इसमें आरोप लगाते हुए दावा किया गया कि भारत कोरोना से होने वाली मौतों की सही संख्या जारी करने को लेकर WHO की मदद नहीं कर रहा है. WHO ने भारत में कोरोना से 40 लाख से ज्यादा मौतें होने का अनुमान लगाया है. हालांकि, सरकार का कहना है कि WHO ने जिस तरीके से ये अनुमान लगाया है, वो सही नहीं है.

- लैंसेटः साइंस जर्नल लैंसेट ने इसी साल 10 मार्च को एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2021 तक दुनियाभर में कोरोना से 1.82 करोड़ मौतों का अनुमान लगाया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि दुनिया में सबसे ज्यादा 40.7 लाख मौतें भारत में हुईं हैं. 

- CRS डेटाः सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2020 में देशभर में 81.11 लाख मौतें दर्ज हुईं हैं. हालांकि, इसमें कोरोना से होने वाली मौतों का डेटा नहीं दिया गया है. चूंकि, 2019 की तुलना में 2020 में 4.75 लाख ज्यादा मौतें दर्ज हुईं हैं, इसलिए सवाल उठाए जा रहे हैं. सरकार के मुताबिक, 2020 में कोरोना से 1.48 लाख और 2021 में 3.32 लाख मौतें हुई थीं. सरकारी आंकड़ों में अब तक कोरोना से 5.23 लाख मौतें हो चुकीं हैं. 

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2021 में देश में कोरोना से 3.32 लाख मौतें हुई थीं. (फाइल फोटो-PTI)

विवाद क्यों हो रहा है?

भारत में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों को लेकर विवाद होता रहा है. कोरोना की दूसरी लहर में इस पर जमकर विवाद हुआ था. कोरोना की दूसरी लहर सबसे ज्यादा जानलेवा थी और ऑक्सीजन की कमी से लेकर अस्पतालों में बेड की कमी तक थी. 

दूसरी लहर के दौरान सरकार मौतों का जो आंकड़ा दे रही थी, उस पर विपक्ष और एक्सपर्ट ने सवाल उठाए थे. विपक्ष और एक्सपर्ट का कहना था कि भारत जो कोविड डेथ का डेटा दे रहा है, वो सही नहीं है. उस समय अमेरिका के सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट की रिपोर्ट पर WHO की चीफ साइंटिस्ट ने कहा था कि भारत को कोरोना से मौतों के सही आंकड़े बताना चाहिए, ताकि भविष्य में होने वाली मौतों को रोका जा सके. 

अभी जो विवाद शुरू हुआ है, वो न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे आर्टिकल से शुरू हुआ है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि भारत WHO को कोविड डेथ का सही आंकड़ा जारी करने नहीं दे रहा है. WHO ने भारत में कोरोना से 40 लाख से ज्यादा मौतें होने का अनुमान लगाया है. 

इस आर्टिकल पर विपक्ष ने सरकार को घेरा. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'मोदी जी न सच बोलते हैं, न बोलने देते हैं. वो तो अब भी झूठ बोलते हैं कि ऑक्सीजन शॉर्टेज से कोई नहीं मरा! मैंने पहले भी कहा था- कोविड में सरकार की लापरवाहियों से 5 लाख नहीं, 40 लाख भारतीयों की मौत हुई है.' राहुल गांधी ने हर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. 

सरकार का क्या कहना है इस सब पर?

WHO के डेटा परः न्यूयॉर्क टाइम्स के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने जवाब दिया कि WHO ने कोविड डेथ का अनुमान लगाने के लिए जो तरीका अपनाया है, वो सही नहीं है. भारत को नतीजों से आपत्ति नहीं है, बल्कि इसके तरीके से शिकायत है. भारत का कहना है कि भारत जैसे विशाल देश और बड़ी आबादी वाले देश के लिए इस मॉडल से अनुमान कैसे लगाया जा सकता है? ये उन देशों के लिए सही है जहां की आबादी कम है.

CRS के डेटा परः CRS की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 की तुलना में 2020 में डेथ रजिस्ट्रेशन बढ़ा है. इस पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि सिर्फ कोविड की वजह से डेथ रजिस्ट्रेशन नहीं बढ़ा है. उनका कहना है कि अब जबकि सभी कारणों से हुई मौतों का सही आंकड़ा मौजूद है तो मॉडलों पर आधारिक अनुमानों का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि 2018 की तुलना में 2019 में 6.9 लाख ज्यादा मौतें हुई थीं.

 

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