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Corona: चीन के इस शहर में नौंवी बार लगा लॉकडाउन, कई शहरों में हाहाकार, एंबुलेंस की लाइनों में मर रहे लोग

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन में जब से कोरोना महामारी शुरू हुई है तब से रुइली में 9वीं बार लॉकडाउन लगाया गया है. अब तक यहां 160 दिन से भी ज्यादा समय तक लॉकडाउन लग चुका है. इससे लोग परेशान हो गए हैं.

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चीन में कोरोना से हालात बदतर है. (फाइल फोटो) चीन में कोरोना से हालात बदतर है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन में छोटे शहरों में भी लॉकडाउन
  • लोगों के सामने खाने-पीने का संकट

Coronavirus in China: चीन में कोरोना की तबाही जारी है. सबसे ज्यादा खराब हालत शंघाई की है. यहां 27 मार्च से ही सख्त लॉकडाउन लगा है. लेकिन अब कोरोना की मारामारी छोटे-छोटे शहरों में भी पड़ने लगी है. कई शहरों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. सख्त लॉकडाउन से लोगों के पास खाने-पीने के सामान की भी कमी पड़ने लगी है. एंबुलेंस की लाइनों में लोग मर रहे हैं. 

चीन का एक ऐसा ही छोटा सा शहर भी जीरो-कोविड पॉलिसी से जूझ रहा है. यहां 9वीं बार लॉकडाउन लगा दिया गया है. इस शहर का नाम रुइली (Ruili) है, जो चीन की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर पड़ता है. ये शहर चीन और म्यांमार के बीच कारोबार का बड़ा केंद्र है. यहां कई हफ्तों से लॉकडाउन लगा है. इस कारण यहां से 2 लाख लोग अब शहर छोड़कर जाने को मजबूर हो गए हैं. 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जब से कोरोना महामारी शुरू हुई है, तब से यहां 9वीं बार लॉकडाउन लगाया गया है. अब तक यहां 160 दिन से भी ज्यादा समय तक लॉकडाउन लग चुका है. इससे लोग परेशान हो गए हैं. लॉकडाउन लगाने की पीछे वजह ये है कि चीन की सरकार को डर है कि कहीं बाहर से कोरोना यहां न आ जाए. 

रुइली के एक होटल में काम करने वाले यैंग ने न्यूज एजेंसी को बताया कि यहां की अर्थव्यवस्था बिगड़ चुकी है. महामारी के कारण अक्सर यहां लॉकडाउन लगा दिया जाता है और कई सारे कारोबारी यहां से लोंगचुआन, पिंगजियांग और तेंगचोंग जा चुके हैं. यैंग कहते हैं कि वो भी यहां से जाना चाहते हैं लेकिन अभी 7 दिन तक घर पर क्वारैंटाइन हैं और यहां से निकलने के लिए उन्हें निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत होगी.

बता दें कि चीन में कोरोना की वजह से छोटे शहरों में भी लॉकडाउन हैं. रुईली शहर चीन-म्यांमार सीमा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है. यहां कोरोना फैलने की सबसे ज्यादा आशंका जताई जाती है. रुइली में होटल के एक कर्मचारी यांग ने कहा कि यह सच है कि यहां की अर्थव्यवस्था अच्छी नहीं है. महामारी के कारण शहर को अक्सर बंद कर दिया जाता है. अधिकांश व्यापारी लोंगचुआन, पिंगजियांग और तेंगचोंग जैसे आसपास के अन्य शहरों में चले गए हैं.

यांग ने कहा कि वह भी जाना चाहेंगे, लेकिन कोविड रिपोर्ट निगेटिव की जरूरत होगी. रुइली में रहने वाले एक अन्य शख्स ने कहा कि म्यांमार का बॉर्डर बंद है. होटलों में रहने के रेट कम हैं. स्थानीय लोग भी यहां से चले गए हैं. शहर के एक रेस्टोरेंट के कर्मचारी ने कहा कि लॉकडाउन से व्यापार बंद है. यहां दर्जनों छोटे शहरों में कोरोना की वजह से लॉकडाउन है. इनमें मंगोलिया में बाओटौ, हेबेई के उत्तरी प्रांत में तांगशान शामिल हैं. 

सुपर मार्केट में बुनियादी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति कम है. शंघाई में अधिकारियों ने उन लोगों को भेजना जारी रखा, जिनके पास निगेटिव रिपोर्ट थी. रिपोर्टस में कहा गया है कि एम्बुलेंस के लंबे इंतजार के बाद एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. यहां लॉकडाउन की वजह से एंबुलेंस समय से नहीं पहुंच सकी.

मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, शंघाई में लॉकडाउन की वजह से लाखों लोग के पास खाना तक नहीं है. पीने के लिए पानी के लिए भी लोग जद्दोजहद कर रहे हैं. यहां 26 दिन से लॉकडाउन लगा है. लोग खुद कह रहे हैं कि दो साल से चीन में ऐसी हालत नहीं थी. मगर कोरोना की वजह से मुसीबत झेलनी झेलनी पड़ रही है. बीमार लोगों का इलाज मुश्किल हो रहा है. 


 

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