आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को एक बार फिर झटका लगा है. चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर में बड़ी गिरावट आई है. अब जीडीपी का आंकड़ा 4.5 फीसदी पहुंच गया है. विकास दर में गिरावट के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया. कांग्रेस ने मोदी सरकार को आर्थिक नाकामी के लिए घेरा.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश की जीडीपी 4.5% तक आ गई है. पिछले 6 साल में ये सबसे कम है. लेकिन बीजेपी किस बात का जश्न मना रही है, क्योंकि उनकी जीडीपी (गोडसे डिवाइसिव पॉलिटिक्स) डबल डिजिट ग्रोथ बताती है.
India’s GDP has collapsed to an abysmal 4.5%. We are in a virtual free-fall. This is the lowest GDP quarter in 6 years.
But why is the BJP celebrating?
Because their understanding of GDP ( Godse Divisive Politics) suggests double digit growth levels.
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— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) November 29, 2019
कांग्रेस ने भी इस गिरावट पर सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया कि जीडीपी 26वें तिमाही में 4.5 फीसदी तक गिर गई है. बीजेपी हर दिन (नैतिकता, शासन और आंकड़ों) गिरने का रिकॉर्ड बना रही है.
GDP at 26 quarter low at 4.5%
Every day BJP reaches record lows - of morality, governance & statistics. #GDPkeBureDin https://t.co/C117umje7J
— Congress (@INCIndia) November 29, 2019
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने जीडीपी के आंकड़ों पर कहा कि जिसका डर था उससे भी बदतर नंबर आए हैं. दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि का दर मात्र 4.5% है. भारत तीव्र आर्थिक मंदी के बीच में है और संकट गहरा गया है.
सरकार ने जारी किए आंकड़े
सरकार की ओर जारी नए आंकड़ों के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था को और झटका लगा है. दरअसल, चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. अब जीडीपी का आंकड़ा 4.5 फीसदी पहुंच गया . यह करीब 6 साल में किसी एक तिमाही की सबसे बड़ी गिरावट है.
इससे पहले मार्च 2013 की तिमाही में देश की जीडीपी दर इस स्तर पर थी. बता दें कि चालू वित्त वर्ष (2019-20) की पहली तिमाही में जीडीपी की दर 5 फीसदी पर थी. इस लिहाज से सिर्फ 3 महीने के भीतर जीडीपी की दर में 0.5 फीसदी की गिरावट आई है.
सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले के मुकाबले कोर सेक्टर में 5.8% की कमी दर्ज की आई है. कोर सेक्टर के 8 प्रमुख उद्योग में कोयला, क्रूड, ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आती है.