ईरान का सस्ता तेल हड़बड़ी में खरीद रहा चीन पकड़ा गया! UAE भी आया लपेटे में

अमेरिका ने ईरानी तेल चीन को बेचने में मदद करने वाली 12 कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. ये ईरान का प्रतिबंधित तेल चीन तक पहुंचाने का काम कर रही थीं. यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा से पहले उठाया गया है.

Advertisement
अमेरिका ने चीन को ईरानी तेल की शिपिंग से जुड़े लोगों और कंपनियों पर बैन लगा दिया है अमेरिका ने चीन को ईरानी तेल की शिपिंग से जुड़े लोगों और कंपनियों पर बैन लगा दिया है

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST

अमेरिका ने चीन को बड़ा झटका देते हुए सोमवार को 12 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए. अमेरिका का कहना है कि ये लोग और कंपनियां ईरानी तेल चीन को बेचने और उसकी शिपमेंट में मदद कर रहे थे. यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से कुछ दिन पहले उठाया गया है.

एक बयान में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आरोप लगाया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) 'आर्थिक रूप से नरम नियमों वाले देशों में फ्रंट कंपनियों का इस्तेमाल करती है ताकि तेल बिक्री में अपनी भूमिका छिपा सके और उससे होने वाली कमाई को ईरानी शासन तक पहुंचा सके.'

Advertisement

ट्रेजरी विभाग ने ईरान स्थित तीन लोगों और हॉन्गकॉन्ग, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित नौ कंपनियों को नए प्रतिबंधों के दायरे में रखा है.

जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनकी अमेरिका में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी. साथ ही अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों को उनके साथ किसी भी तरह का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

ईरान के खिलाफ अपने अभियान के तहत अमेरिका ने तेहरान सरकार और IRGC पर प्रतिबंध और सख्त कर दिए हैं, ताकि आर्थिक रूप से उन पर दबाव बनाया जा सके.

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर लगाए गए आर्थिक दबावों के संदर्भ में कहा, 'जब ईरान की सेना खुद को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रही है तब ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान ईरान को उसके हथियार कार्यक्रमों, आतंकी प्रॉक्सी नेटवर्क्स और परमाणु महत्वाकांक्षाओं के लिए फंडिंग से रोकता रहेगा.' 

Advertisement

ईरान तेल पर कुछ समय के लिए अमेरिका ने दी थी छूट

ईरान-अमेरिका युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी प्रभावित किया है. ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया है, जिसके जरिए दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और गैस गुजरता है.

वैश्विक सप्लाई की कमी को देखते हुए अमेरिका ने मार्च में ईरानी तेल पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी, लेकिन बाद में फिर से सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए.

ईरान का अधिकतर तेल एशिया जाता है और चीन उसका बड़ा आयातक है. चीन ईरान का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर भी है. दुनिया में जब तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, चीन ईरान का बैन और अपेक्षाकृत सस्ता तेल हड़बड़ी में खरीदकर अपना भंडार भर रहा है. लेकिन अमेरिका उसकी इस चालाकी के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहा है.

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस सप्ताह चीन पहुंचने वाले हैं, जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम बैठक होगी. बातचीत में व्यापार विवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध भी एजेंडे में शामिल रहेगा. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर अधिक दबाव डाले ताकि युद्ध खत्म हो.

अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को चीन स्थित तीन सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे. इन पर ईरान के सैन्य अभियानों में मदद करने का आरोप है.

Advertisement

इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी विभाग चीन और हॉन्गकॉन्ग स्थित कई कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा चुका है, जिन पर ईरान को हथियार सप्लाई में मदद करने का आरोप था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement