War पर US में ही घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 66 फीसदी जनता बोली- चॉइस है, मजबूरी नहीं

ईरान जंग को लेकर अमेरिकी जनता बटी हुई है, जहां एक ओर लक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, वहीं बढ़ती गैस कीमतें और आर्थिक चिंता असंतोष बढ़ा रही हैं. जनता का कहना है कि ईरान के साथ जंग जल्द से जल्द खत्म हो.

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ईरान जंग को लेकर अमेरिका में असमंजस - सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और रणनीति पर उठे सवाल (Photo: White House) ईरान जंग को लेकर अमेरिका में असमंजस - सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और रणनीति पर उठे सवाल (Photo: White House)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:02 PM IST

इजरायल-अमेरिका की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया गया था. इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जग छिड़ गई. नतीजतन ईरान ने भी इज़रायल पर हमले किए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. इसकी वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा मंडराने लगा. अमेरिका में भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रणनीति पर सवाल उठने लगे. अमेरिका की मुख्य अमरीकी टेलीविजन नेटवर्क - सीबीएस जनता का मूड जाने के लिए सर्वे किया. इस सर्वे में अमेरिका में लोगों की राय बंटी हुई नज़र आई.

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सीबीएस ने एक बड़ा सर्वे किया है जो बताता है कि अमेरिकी जनता इस जंग के बारे में क्या सोचती है. और तस्वीर ट्रंप के लिए बहुत अच्छी नहीं है.

जनता चाहती क्या है?

अमेरिकी लोग ईरान को लेकर कई चीजें एक साथ चाहते हैं. ईरान का परमाणु कार्यक्रम बंद हो. ईरान की जनता आजाद हो. जंग खत्म होने तक ईरान की मौजूदा सरकार सत्ता में न रहे.

लेकिन सबसे ऊपर एक ही मांग है कि जंग जल्द से जल्द खत्म हो. यानी लोग जीत भी चाहते हैं और जल्दी भी. यह दोनों बातें एक साथ कैसे होंगी. इसका जवाब ट्रंप सरकार के पास नहीं है. और यही सबसे बड़ी परेशानी है.

पेट्रोल महंगा - जनता नाराज

अमेरिकी जनता की सबसे बड़ी तकलीफ जंग नहीं, पेट्रोल के दाम हैं. लोगों को लग रहा है कि यह जंग अमेरिका की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है. महंगाई बढ़ रही है. और जो लोग पहले मंदी की बात नहीं कर रहे थे वो भी अब डरने लगे हैं.

सबसे बड़ी बात है कि जनता यह नहीं मानती कि जंग के दौरान उन्हें महंगा पेट्रोल सहन करना चाहिए. ट्रंप सरकार कह रही है, "धैर्य रखो." लेकिन जनता कह रही है "नहीं."

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जंग कैसी चल रही है?

ज्यादातर अमेरिकियों को लगता है कि जंग ठीक नहीं चल रही. क्यों? क्योंकि ट्रंप सरकार ने साफ नहीं बताया कि जंग का मकसद क्या है. कितने दिन चलेगी यह कोई नहीं जानता है. अमेरिका इससे सुरक्षित होगा यह भी ज्यादातर लोग नहीं मानते. सिर्फ एक तिहाई लोगों को लगता है कि लंबे समय में अमेरिका इससे सुरक्षित होगा. ज्यादातर लोगों का मानना है कि यह जंग महीनों नहीं, बल्कि सालों तक चल सकती है.

क्या जमीनी फौज भी जाएगी?

लगभग आधे अमेरिकी मानते हैं कि जमीनी सैनिक भेजने पड़ सकते हैं. यह सोच अपने आप में डरावनी है क्योंकि जमीनी जंग का मतलब है और ज्यादा मौतें और और ज्यादा खर्च.

दो तिहाई अमेरिकी बोले, यह जंग बेकार थी

66 फीसदी अमेरिकियों का कहना है कि यह जंग जरूरी नहीं थी - यह ट्रंप की अपनी पसंद की जंग है. सिर्फ 34 फीसदी मानते हैं कि यह जरूरी थी. 57 फीसदी कहते हैं कि जंग बुरी तरह चल रही है. 90 फीसदी को डर है कि पेट्रोल और महंगा होगा. 63 फीसदी मानते हैं कि यह जंग अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है. 

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कौन साथ है, कौन खिलाफ?

MAGA यानी ट्रंप के कट्टर समर्थक पूरी तरह साथ हैं. उन्हें ट्रंप पर भरोसा है. वो मानते हैं कि यह जंग जरूरी थी और ट्रंप ने 2024 चुनाव में जो वादा किया था, वो पूरा कर रहे हैं.

डेमोक्रेट और आम लोग ज्यादातर खिलाफ हैं. उन्हें लगता है कि यह जंग अमेरिका को कमजोर कर रही है, लंबी चलेगी और इससे देश सुरक्षित नहीं होगा.

ट्रंप की रेटिंग?

ट्रंप की कुल रेटिंग 40 फीसदी के आसपास बनी हुई है. जंग से पहले भी यही थी, अब भी यही है. लेकिन अर्थव्यवस्था और महंगाई पर उनके नंबर कम हैं. यहां तक कि उनके अपने रिपब्लिकन वोटर भी इन मुद्दों पर उतने खुश नहीं हैं जितने बाकी मुद्दों पर.

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सबसे बड़ा सवाल

66 फीसदी अमेरिकी मानते हैं कि यह "चुनाव की जंग" है यानी यह जंग जरूरी नहीं थी, ट्रंप ने खुद चुनी. और जब लोग यह मानते हैं तो हर मौत, हर महंगा लीटर पेट्रोल, हर आर्थिक तकलीफ सीधे ट्रंप के खाते में जाती है.

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