अमेरिका-ईरान के बीच फिर से भीषण युद्ध छिड़ गया है. अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर 'सेल्फ डिफेंस में हमले' (self-defense strikes) शुरू कर दिए हैं. ईरान में बंदर अब्बास, किश, सिरिक और मीनाब इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई हैं. इसके बाद ईरान ने अमेरिकी हमले का जवाब देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है.
साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी नेवी की पांचवीं फ्लीट के मुख्यालय (बहरीन) पर शाहिद-136 ड्रोन दागे और जॉर्डन में एक अमेरिका से जुड़े एयरबेस को भी निशाना बनाया. ईरान ने इसे दक्षिणी ईरान पर हालिया अमेरिकी हमलों का जवाब बताया. इसके अलावा आईआरजीसी ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है.
वहीं, अमेरिकी हमलों के बीच क्षेत्रीय देशों ने अपने-अपने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए हैं. जॉर्डन ने पांच ईरानी मिसाइलों को बीच में ही मार गिराने की जानकारी दी. बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत ने कई हवाई हमलों को ट्रैक करते हुए उन्हें रोकने की जानकारी दी है.
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ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए हैं. ईरान के मुताबिक, उसने ये कार्रवाई अमेरिकी सेना की ओर से दक्षिणी ईरान के इलाकों पर किए गए हमलों और सीजफायर के उल्लंघन के जवाब में की है. ईरानी सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई विनाशकारी ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया. इन हमलों में विशेष रूप से अमेरिकी पांचवें बेड़े से जुड़े संचार एंटेना (कम्युनिकेशन एंटेना) और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के राडार ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई है.
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान के IRGC और रक्षा मंत्रालय से जुड़े 9 व्यक्तियों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. ट्रंप प्रशासन ने ईरान के हथियार नेटवर्क को पूरी तरह तबाह करने के लिए 'आर्थिक चक्रव्यूह' तैयार किया है. इस कार्रवाई के तहत अमेरिका ने चीन और हांगकांग की उन कंपनियों को निशाना बनाया है, जो ईरान को हथियार खरीदने में मदद कर रही थीं. अमेरिकी वित्त मंत्रालय का दावा है कि इस कदम से ईरान की सैन्य संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है. इस कार्रवाई के तहत अमेरिका ने हांग कांग की एक ऐसी कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया है, जो चोरी-छिपे ईरान के लिए बैंकिंग कामकाज संभाल रही थी.
अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने चीनी नागरिकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने IRGC को लाखों डॉलर के हथियार दिलाने में मदद की. इसके साथ ही अमेरिका ने दुनिया भर की कंपनियों को चेतावनी दी है कि वो ईरान के तेल और हथियारों के कारोबार से दूर रहें, वरना विदेशी बैंकों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को पैसा पहुंचाने वाले 'शैडो बैंकिंग' और क्रिप्टो नेटवर्क की पहचान की है, साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ईरान की ओर से वसूले जाने वाले टैक्स को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है.
अमेरिकी सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अमेरिकी युद्धपोत से ईरान के खिलाफ टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागते हुए दिखाया गया है. सेंटकॉम के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने 10 जून को ईरान के कई ठिकानों पर आत्मरक्षा में ये नए हमले किए. इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिकी वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स ने मिलकर ईरान के सैन्य निगरानी तंत्र, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस साइट्स पर सटीक निशाना साधा. अमेरिकी सेना का कहना है कि ये हमले ईरान की तरफ से लगातार की जा रही उकसावे वाली हरकतों के जवाब में किए गए हैं, क्योंकि ईरानी ठिकाने क्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी बलों के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल-ईस्ट जंग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मिडिल ईस्ट को संकट में और गहराई तक खींचा जा रहा है और इसके नतीजे इस इलाके से कहीं आगे तक जा रहे हैं. इस हफ्ते बड़े हमले हुए हैं और हालात और बिगड़े हैं, जहां सीजफायर कमजोर होता जा रहा है. हमें कमजोर होने के खतरों को कम नहीं आंकना चाहिए. सभी पार्टियों को एक डिप्लोमैटिक समझौते की दिशा में काम करना चाहिए. अब और हमले नहीं, अब और बहाने नहीं.'
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि देश के कई इलाकों में सायरन बज रहे हैं. नागरिकों से शांत रहने और पास के सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने ये जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया के उस दावे के बाद दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के पिछले हमलों के जवाब में उसकी सेना ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय को निशाना बनाया है.
IRGC की एयरोस्पेस फोर्स और नेवी ने दो चरणों में ऑपरेशन चलाए और अल-सलेम एयर बेस, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के 18 अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है.
अमेरिकी हमले के बीच वॉर मिनिस्टर पीट हेगसेथ अभी-अभी वॉशिंगटन पहुंच गए हैं. बताया जा रहा है कि वह कई बड़े अधिकारियों संग बैठक करेंगे.
ट्रंप के बयानों के जवाब में ईरान की समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने एक जानकार सूत्र के हवाले से कहा है कि अमेरिका की हर 'आक्रामकता' का जवाब निर्णायक सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा, न कि 'राजनीतिक ब्लैकमेल' से.
उधर, ईरान की समाचार एजेंसी 'मेहर' का कहना है कि IRGC के मिसाइल और ड्रोन हमलों के ऑपरेशन का पहला चरण पूरा कर लिया गया है.
तेहरान विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य और ओरिएंटलिज्म के प्रोफेसर सैयद मोहम्मद मरंदी ने ट्रंप के ईरानी अधिकारियों से बात करने के दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने ट्रंप पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे उस व्यक्ति से किसी ने भी संपर्क नहीं किया है.
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से भीषण युद्ध छिड़ गया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई प्रांतों में बमबारी की है. इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सेना पर पलटवार का दावा किया है. ऐसे ही ईरान के एक दावे को अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने खारिज कर दिया है.
यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर ईरान के दावे को खारिज करते हुए लिखा, 'ईरान के मीडिया सूत्रों का दावा है कि ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोत पर हमला किया है, ये पूरी तरह से गलत है.'
सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट करते हुए बताया कि अमेरिका के किसी भी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ है.
ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के उस दावे को खारिज करते हुए एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने सीधे ईरानी अधिकारियों से बात की है और उन अधिकारियों ने उनसे अमेरिका के नए हमलों को रोकने के लिए कहा था.
रिपोर्ट में ईरान के एक अज्ञात वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप का ये झूठा दावा कि ईरानी अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया, ईरान के साथ युद्ध से बचने का एक बहाना है.
(इनपुट- रॉयटर्स)
ईरान पर भीषण बमबारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों से सीधे बात की है. उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका की बमबारी रोकने को कहा है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर उड़ान भर रहे थे. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि बमबारी जल्द ही रुक जाएगी, लेकिन उन्होंने कहा कि वो और हमले करने का विकल्प खुला रखेंगे.
ईरानी मीडिया ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी का हवाला देते हुए बताया कि ईरानी नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर हमला किया है. आईआरजीसी ने ये जानकारी अमेरिकी हमलों के बाद रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा के कुछ देर बाद दी है.
ईरान पर ताजा हमले की जानकारी देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न टाइम के अनुसार शाम 5:15 बजे (ET) ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले शुरू कर दिए हैं.
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिसमें तेल टैंकर और वाणिज्यिक जहाज भी शामिल हैं. इसमें कहा गया है कि जो भी जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करेगा, उस पर गोली चलाई जाएगी.