अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ डील वाले बयान के कुछ घंटों बाद ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और ऐसी खबरें सिर्फ अटकलें हैं. इसके अलावा उन्होंने हाल ही में भारतीय कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की अपील की.
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से बघई ने कहा, 'ईरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. हम अपनी 'रेड लाइन्स' पर कभी समझौता नहीं करेंगे.'
'बारबार रुख बदल रहा है अमेरिका'
उन्होंने अमेरिका में बार बार रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा, 'शांति वार्ता की स्थिति शुरू से ही हमारे सामने साफ थी. समझौते का बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका था, लेकिन अमेरिकी पक्ष बार-बार अपना रुख बदलता रहा है. इसी के कारण राजनयिक प्रक्रिया लगातार बाधित हो रही है.'
बघेई ने स्पष्ट किया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज (Strait of Hormuz) में सुरक्षा कम होने के लिए भी पूरी तरह अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया है.
क्या बोले ट्रंप
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस से घोषणा की थी कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध का एक शानदार निपटारा (Settlement) कर लिया है, जिसके दस्तावेज अगले कुछ दिनों में अंतिम रूप ले लेंगे. ट्रंप ने दावा किया था कि इस वीकेंड यूरोप में एक हस्ताक्षर समारोह हो सकता है, जिसमें उनकी तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल होंगे. ट्रंप ने ये भी कहा था कि इस समझौते के तहत ईरान कभी-भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि जैसे ही ईरान के साथ ये समझौता हस्ताक्षरित होगा, वैसे ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंद पड़े होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए आधिकारिक तौर पर दोबारा खोल दिया जाएगा. हालांकि, इसके बिल्कुल उलट ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अमेरिकी कार्रवाइयों और उनकी सैन्य हरकतों की वजह से होर्मुज का पूरा इलाका पहले के मुकाबले अब और भी कम सुरक्षित रह गया है.
बघई ने अमेरिका को घेरा
इस कूटनीतिक रार के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए क्रूर अमेरिकी हमले, जिसमें कम से कम तीन भारतीय नागरिक मारे गए हैं, अमेरिका की सशस्त्र डकैती और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती (State Piracy) की निरंतर नीति का एक स्पष्ट और जीता-जागता सबूत हैं.
ईरानी प्रवक्ता ने इस गंभीर और भावुक मुद्दे पर आगे बात करते हुए कहा कि वो इन हमलों में मारे गए निर्दोष भारतीय नाविकों के परिवारों और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता और भारत सरकार के प्रति अपनी सच्ची संवेदना प्रकट की.
बघेई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वैश्विक शांति, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने वाले अमेरिका के इस कानून विहीन आचरण के लिए उसे पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
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