'मादुरो का दौर अलग था, अब चीन को वेनेजुएला का तेल मिलेगा लेकिन...' अमेरिका ने रख दी बड़ी शर्त

अमेरिका ने चीन को वेनेजुएला का तेल खरीदने की अनुमति दी है, लेकिन शर्त रखी है कि यह तेल अब मादुरो के दौर की तरह सस्ती या अंडरकट कीमतों पर नहीं, बल्कि फेयर मार्केट प्राइस पर ही बेचा जाएगा. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो को हटाने के बाद अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात को नियंत्रित कर रहा है और इसका बड़ा हिस्सा अमेरिका को बेचा जा रहा है.

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अमेरिका का कहना है कि अब वेनेजुएला का तेल उचित बाजार कीमत पर बेचा जाएगा. (Photo: AP) अमेरिका का कहना है कि अब वेनेजुएला का तेल उचित बाजार कीमत पर बेचा जाएगा. (Photo: AP)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:54 AM IST

अमेरिका ने कहा है कि चीन को वेनेजुएला का तेल खरीदने की इजाजत दी है, लेकिन उसे यह तेल पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के दौर की तरह बेहद सस्ती या ‘अंडरकट’ कीमतों पर नहीं मिलेगा. एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी.

ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, चीन वेनेजुएला का तेल खरीद सकता है, लेकिन यह बिक्री ‘फेयर मार्केट प्राइस’ यानी उचित बाजार कीमत पर होगी. अधिकारी ने बताया कि वैश्विक बाजार में तेल बेचा जाएगा, लेकिन शर्त यह है कि इसका बड़ा हिस्सा अमेरिका को बेचा जाए. अमेरिका का कहना है कि 3 जनवरी को मादुरो को हटाने के बाद से वह अनिश्चित काल तक वेनेजुएला के तेल निर्यात को नियंत्रित करेगा.

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वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन

अधिकारी ने कहा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णायक और सफल अभियान की वजह से अब वेनेजुएला के लोगों को चीन और अन्य देशों से अपने तेल की सही कीमत मिलेगी, न कि भ्रष्ट और बेहद सस्ती कीमतें.' चीन कई वर्षों से वेनेजुएला का सबसे बड़ा तेल खरीदार रहा है. 

तेल सौदों के जरिए काराकस ने बीजिंग से लिए गए बड़े कर्ज को चुकाया था, जिसे ‘तेल के बदले कर्ज’ सौदे कहा जाता है. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि मादुरो के दौर में चीन को कर्ज चुकाने के लिए तेल बहुत कम दामों पर बेचा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब तेल केवल उचित बाजार कीमत पर ही बेचा जाएगा.

अमेरिका को मिल रहे अब 45 डॉलर प्रति बैरल

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने पिछले हफ्ते कहा था कि फिलहाल अमेरिका को वेनेजुएला के तेल से करीब 45 डॉलर प्रति बैरल मिल रहे हैं, जबकि मादुरो के सत्ता में रहते हुए वेनेजुएला को करीब 31 डॉलर प्रति बैरल ही मिलते थे. ट्रेडर्स और विश्लेषकों का कहना है कि फरवरी से चीन का वेनेजुएला से तेल आयात घट सकता है, क्योंकि अमेरिका के नियंत्रण के बाद कम टैंकर ही वहां से निकल पा रहे हैं.

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