अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को क्यूबा की समाजवादी सरकार के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने का वादा किया. देश के खिलाफ उनके इन कदमों से अमेरिका का यह पुराना विरोधी देश और भी गहरे संकट में घिर गया है.
वेनेज़ुएला पर ट्रंप के प्रतिबंधों की वजह से क्यूबा में हाल ही में पूरे देश में बिजली गुल हो गई थी. इस घटना के ठीक एक दिन बाद, ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो दोनों ने कहा कि प्रशासन इस द्वीप देश को अगले ऐसे देश के तौर पर देख रहा है, जहां अमेरिका अपना प्रभाव बढ़ा सकता है.
ट्रंप ने कहा, "क्यूबा इस वक्त बहुत बुरे हाल में है. क्यूबा के मामले में हम बहुत जल्द कुछ करने वाले हैं."
सत्ता परिवर्तन चाहते हैं ट्रंप...
क्यूबा में बदलाव पर ट्रंप के बयानों को शायद काफ़ी अहम माना जाता, लेकिन ये बयान उनके प्रशासन की उस फ़ौजी कार्रवाई के बाद आए हैं, जिसमें वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा किया गया था और ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी फ़ौजी हमले शुरू किए गए थे.
एपी की रिपोर्ट में कहा गया है, "वॉशिंगटन और हवाना के बीच चल रही बातचीत की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी सूत्र के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल अपना पद छोड़ दें, जबकि अमेरिका क्यूबा की सरकार के साथ बातचीत जारी रखे हुए है. इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि प्रशासन किसे सत्ता में आते देखना चाहेगा.
वैसे भी क्यूबा के कई लोगों को यकीन नहीं है कि देश में डियाज़-कैनेल के पास बहुत ज़्यादा ताक़त है. इसके उलट, वे क्रांतिकारी संस्थापक फादर राउल कास्त्रो और उनके परिवार को ज़्यादा ताक़तवर मानते हैं.
रूबियो का कहना है कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है और उसकी सरकार इसे ठीक नहीं कर सकती. मंगलवार दोपहर तक अस्पतालों और कुछ घरों में बिजली धीरे-धीरे बहाल की जा रही थी, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बिजली का जर्जर नेटवर्क फिर से ठप हो सकता है.
क्यूबा सरकार देश में फैली मुश्किलों के लिए अमेरिका की ऊर्जा नाकेबंदी को ज़िम्मेदार ठहरा रही है. यह नाकेबंदी तब शुरू हुई, जब जनवरी में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो भी देश क्यूबा को तेल बेचेगा या देगा, उस पर टैरिफ लगाए जाएंगे.
रूबियो, क्यूबा मूल के हैं. उन्होंने कहा कि इस द्वीप की अर्थव्यवस्था ऐसी है, जो मौजूदा राजनीतिक और सरकारी व्यवस्था में काम नहीं करती. वे इसे ठीक नहीं कर सकते.
यह भी पढ़ें: 'पहले ईरान खत्म कर लें, फिर क्यूबा की बारी आएगी...', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
'बड़े बदलाव करने होंगे...'
क्यूबा के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि क्यूबा अमेरिकी कंपनियों के साथ व्यापार करने के लिए तैयार है, लेकिन ऐसे वादे पहले भी किए जा चुके हैं. रूबियो ने कहा, "इसलिए उन्हें बहुत बड़े बदलाव करने होंगे. कल उन्होंने जो ऐलान किया, वह काफी बड़ा बदलाव नहीं है. इससे समस्या हल नहीं होगी."
ट्रंप प्रशासन यह भी मांग कर रहा है कि बैन हटाने के बदले क्यूबा राजनीतिक कैदियों को रिहा करे. राजनीतिक और आर्थिक उदारीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए.
हालांकि, क्यूबा अपने पेट्रोलियम का 40% प्रोडक्शन खुद करता है और अपनी बिजली भी खुद ही बनाता है, लेकिन यह मांग को पूरा करने के लिए काफी नहीं है, क्योंकि उसका पुराना हो चुका बिजली ग्रिड लगातार खराब होता जा रहा है.
यह भी पढ़ें: क्यूबा में भीषण ब्लैकआउट, पावर ग्रिड फेल होने से 1.1 करोड़ लोग अंधेरे में, जनजीवन और सेवाएं पूरी तरह प्रभावित
क्यूबा के ऊर्जा और खान मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि क्यूबा ने पश्चिमी शहर पिनार डेल रियो और दक्षिण-पूर्वी प्रांत होलगुइन में बिजली व्यवस्था बहाल कर दी है और कई इलाकों में कुछ 'माइक्रोसिस्टम' काम करना शुरू कर रहे हैं.
सरकारी मीडिया ने बताया कि सोमवार देर रात तक राजधानी हवाना में 5% निवासियों की बिजली बहाल कर दी गई थी, जो करीब 42 हजार ग्राहकों के बराबर है. बिजली न होने से खाना खराब हो रहा है, जिससे क्यूबा के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अमेरिका के प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव ने क्यूबा के कई लोगों की मुसीबतों को और बढ़ा दिया है.
aajtak.in