रूस: साइबेरिया में बहा 20 हजार टन डीजल ईंधन, पुतिन ने किया आपातकाल का ऐलान

कोरोना वायरस संकट के बीच रूस में एक और भयावह स्थिति पैदा हो गई है. साइबेरिया के एक शहर में प्लांट से हजारों टन डीजल ईंधन लीक हुआ है.

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रूस के साइबेरिया में आपातकाल (AP) रूस के साइबेरिया में आपातकाल (AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

  • रूस के साइबेरिया में आपातकाल की घोषणा
  • प्लांट से लीक हुआ डीजल ईंधन
दुनिया में इस वक्त कोरोना वायरस का संकट फैला हुआ है, लेकिन इसके साथ भी कई तरह की मुश्किलें सामने आ रही हैं. रूस में बुधवार को एक पावर प्लांट से 20 हजार टन डीजल फैल गया, जिसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साइबेरिया में आपातकाल की घोषणा कर दी है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, मॉस्को से 3000 किमी. दूर नॉरिलस्क में एक प्लांट के पास शुक्रवार को ये लीकेज शुरू हुई थी. लेकिन देखते ही देखते ये इतनी बढ़ गई कि संकट पैदा हो गया.

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अब ये ईंधन कहीं अंबार्नया नदी में ना मिल जाए, इसके लिए अवरोधक लगाए गए हैं. यहां पास में ही एक झील भी है, जो नदी को जोड़ती है और सीधा आर्केटिक सागर में जाकर मिल जाती है.

बुधवार को राष्ट्रपति पुतिन की ओर से इस मामले में आपातकाल की घोषणा की गई और मामले की जांच के आदेश दिए गए. WWF के रूस दफ्तर के मुताबिक, इस लीकेज की वजह से मछलियों को नुकसान होगा और कुल करीब 13 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है.

ये प्लांट नॉरिलस्क की डिवीजन के द्वारा चलाया जाता है. जिसे दुनिया की सबसे प्रदूषित जगहों में गिना जाता है. अभी तक जांच में ये सामने नहीं आया है कि ये लीकेज किस वजह से हुआ. लेकिन, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इससे हुए नुकसान को जांचा जा रहा है.

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आपको बता दें कि इस वक्त रूस में कोरोना वायरस का महासंकट जारी है. रूस में अबतक कोरोना वायरस के साढ़े चार लाख से अधिक केस आ चुके हैं, जबकि 5 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. रूस में अभी भी लॉकडाउन लागू है लेकिन कुछ ढील दी गई है.

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