रूस के साइबेरिया में कोयला खदान में आग, 52 लोगों की मौत

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' ने आपातकालीन अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि खदान से किसी भी जीवित व्यक्ति का रेस्क्यू करने का कोई मौका नहीं मिला. इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि गुरुवार को खदान में आग लगने से 52 लोगों की मौत हो गई.

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हादसे के बाद खदान के बाहर खड़ीं एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम की गाड़ियां (फोटो- पीटीआई) हादसे के बाद खदान के बाहर खड़ीं एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम की गाड़ियां (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • मास्को,
  • 26 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:31 AM IST
  • साइबेरिया के केमेरोवो की एक खदान में लगी आग
  • आग लगने से 52 की मौत, 239 लोग रेस्क्यू किए गए

रूस के साइबेरिया में बड़ा हादसा हो गया. यहां एक कोयला खदान में आग लगने से 52 लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी रूसी समाचार एजेंसी ने दी. इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि खदान में 14 शव मिले हैं. 

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' ने आपातकालीन अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि खदान से किसी भी जीवित व्यक्ति का रेस्क्यू करने का कोई मौका नहीं मिला. इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि गुरुवार को खदान में आग लगने से 52 लोगों की मौत हो गई. 

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खदान में मौजूद थे 285 लोग
साइबेरिया के केमेरोवो की एक खदान में आग लग गई. उस वक्त वहां कुल 285 लोग थे. आग लगने के बाद खदान में धुआं भर गया. हालांकि, रेस्क्यू ने 239 लोगों को बचा लिया. हालांकि, इनमें 49 जख्मी हो गए थे. मीथेन गैस में विस्फोट को आग लगने की वजह माना जा रहा है. 

खनन के दौरान कोयले से निकलने वाली मीथेन के विस्फोट काफी कम देखने को मिलते हैं. लेकिन कोयला खनन उद्योग में सबसे ज्यादा मौत की यही वजह है. समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के मुताबिक, खनिज मजदूरों के पास आम तौर पर 6 घंटे की ऑक्सीजन आपूर्ति होती है. इसे कुछ और घंटों तक बढ़ाया जा सकता है. लेकिन यह ऑक्सीजन किसी भी तरह गुरुवार देर रात समाप्त हो गई होगी. 

 रूस की जांच कमेटी ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन के आरोप में आग लगने की घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसकी वजह से मौतें हुईं. उधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खदान हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है और घायलों को हर संभव मदद देने का आदेश दिया है. 

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