चीन प्रतिस्पर्द्धी, निपटने के लिए नया विजन जरूरीः राहुल

अमेरिका के प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से रूबरू होते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहूल गांधी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच काफी गहरे तालमेल है.

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प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी

राम कृष्ण

  • वॉशिंगटन,
  • 20 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

अमेरिका में राहुल गांधी ने कहा कि भारत और चीन का प्रदर्शन ही इस बात को तय करेगा कि दुनिया का किस तरह नया आकार लेगी. हालांकि इसका कोई फर्क नहीं पड़ता है कि दोनों देश विकास के लिए रास्ते को चुनते हैं. भारत में लोकतंत्र है, जबकि चीन में लोकतंत्र नहीं हैं.

अमेरिका के प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से रूबरू होते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहूल गांधी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच काफी गहरे तालमेल है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में दो तरह का प्रवास हो रहा है- पहला पूरी तरह स्वतंत्र है, जबकि दूसरा पूरी तरह नियंत्रित है. प्रशासन का ताना-बाना इससे अलग-अलग तरीके से निपटता है.

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कि भारत और चीन दुनिया के दो बड़े देश हैं, जो खेती करने वाले देश से शहरी आधुनिक मॉडल देश में तब्दील हो रहे हैं. इन देशों में दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है. उन्होंने कहा कि कैसे ये दोनों देश मूल रूप से दुनिया को नया आकार देने जा रहे हैं. मुझे यह नहीं कहना कि चीन लोकतांत्रिक है या नहीं. उन्होंने अपना रास्ता चुना है और हमने अपना रास्ता चुना है.

गांधी ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों के बीच सहयोग और प्रतिस्पर्धा है. हमें यह देखना है कि कैसे हम रोजगार लाएं. असल में हमें चीन से मुकाबला करना है. उन्होंने कहा कि भारत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) परियोजना के जरिए अपना रास्ता बना रहा है. चीन का दुनिया की तरफ एक खास विजन है, जो बेहद स्पष्ट है. उनके नजरिए से यह बहुत शक्तिशाली विजन है.

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इस दौरान राहुल गांधी ने भारत को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत के पास भी ऐसा ही विजन है? वह विजन कैसा है? हमारे और उनके बीच कितना सहयोग होने जा रहा है? ये कुछ मूल सवाल हैं, लेकिन जिस बात का पता होना चाहिए, वह यह है कि चीन असीम शक्ति के साथ आगे बढ़ रहा है और हमें इसके साथ काम करना है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि रोजगार पैदा करने व शिक्षा के क्षेत्र में अमेरिका और भारत के बीच सहयोग के लिए बहुत संभावनाएं हैं. दोनों देशों के बीच गहरा तालमेल है. ऐतिहासिक रूप से भारत ने संबंधों में संतुलन बनाए रखा है. भारत के चीन और रूस से भी संबंध रहे हैं. उसके अमेरिका और दोनों देशों से संबंध रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि मेरे लिए अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंध महत्वपूर्ण है. उन्होंने अन्य सभी देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अन्य सभी देशों के संबंध में संतुलन बनाए रखना अहम है.

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