पड़ोसी की लड़ाई में बुरा फंसा PAK! जब्त ईरानी जहाज में कैद हुए अपने ही लोग

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी के बाद तनाव बढ़ गया है. इस बीच पाकिस्तान को अपने नागरिकों की चिंता सता रही है जो अमेरिका की ओर से जब्त ईरानी जहाज पर कैद हैं. उसने अपने नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी के लिए सिंगापुर से मदद मांगी है.

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पाकिस्तान ने सिंगापुर से अपने नागरिकों की वापसी के लिए मदद मांगी है (Photo: Reuters) पाकिस्तान ने सिंगापुर से अपने नागरिकों की वापसी के लिए मदद मांगी है (Photo: Reuters)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. इस बीच दोनों के बीच मध्यस्थ बने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं. अमेरिका ने हाल ही में एक ईरानी जहाज को भी कब्जा लिया था जिसमें लगभग दर्जनभर पाकिस्तानी सवार थे. बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान अपने नागरिकों की वापसी के लिए भी हाथ-पैर मार रहा है.

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जब्त किया गया जहाज फिलहाल सिंगापुर के समुद्री क्षेत्र के पास खड़ा है जिसमें 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी क्रू मेंबर सवार थे. पाकिस्तान ने सिंगापुर से मदद मांगी है कि वो पाकिस्तानी और ईरानी नागरिकों की रिहाई में मदद करे.

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से बात की और अमेरिका की ओर से जब्त किए गए जहाजों पर सवार 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी नाविकों की 'सुरक्षा और स्वदेश वापसी' में मदद का अनुरोध किया. 

उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से भी बातचीत की है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर करीबी तालमेल बना हुआ है.

इशाक डार ने एक्स पर कहा, 'पाकिस्तान ईरानी नागरिकों की पाकिस्तान के रास्ते सुरक्षित तरीके से ईरान वापसी में भी मदद करने के लिए तैयार है.'

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उन्होंने आगे कहा, 'हम सिंगापुर की ओर से दिए जा रहे सहयोग और समर्थन की सराहना करते हैं. पाकिस्तान का विदेश कार्यालय और संबंधित अधिकारी अमेरिकी अधिकारियों समेत अन्य पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि हमारे नागरिकों की सुरक्षा, भलाई और जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित की जा सके.'

अमेरिका-ईरान के बीच फिर शुरू हुई लड़ाई

8 अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम था और तनातनी के बावजूद, गोलीबारी रुकी हुई थी. लेकिन अब फिर दोनों देशों के बीच लड़ाई शुरू हो गई है. गुरुवार शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नेकहा कि अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर) जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थे, तब उन पर हमला किया गया.

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और एलएनजी सप्लाई का अहम समुद्री रास्ता है, जिसे ईरान ने संघर्ष शुरू होने के बाद लगभग बंद कर दिया है.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'तीन विश्वस्तरीय अमेरिकी डिस्ट्रॉयर होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक गुजर गए, हालांकि उन पर फायरिंग हुई. हमारे जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान हुआ.'

बाद में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है और उन्होंने इस झड़प को ज्यादा महत्व नहीं दिया. ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने आज हमारे साथ छेड़छाड़ की, और हमने उन्हें करारा जवाब दिया.'

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वहीं, ईरान के टॉप ज्वॉइंट मिलिट्री कमांड ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने एक ईरानी तेल टैंकर और दूसरे जहाज को निशाना बनाया, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट में स्थित केश्म द्वीप और आसपास के तटीय इलाकों में नागरिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए.

ईरानी सेना ने कहा कि इसके जवाब में उसने होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से और चाबहार बंदरगाह के दक्षिण में मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला किया.

ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि ईरानी हमलों से अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी किसी भी सैन्य संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा.

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