'न्यूक्लियर फोर्स, पॉवरफुल आर्मी...', उत्तर कोरिया के किम ने फिर दुनिया को डराया

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश की परमाणु ताकत बढ़ाने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि देश की सुरक्षा और स्थायी शांति केवल एक मजबूत सेना से ही सुनिश्चित की जा सकती है.

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किम जोंग उन ने अपनी नेवी को भी मजबूत करने का फैसला किया है. (Photo: KCNA) किम जोंग उन ने अपनी नेवी को भी मजबूत करने का फैसला किया है. (Photo: KCNA)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश की सैन्य ताकत को और मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है. सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक, किम ने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी तकनीक को भी और आधुनिक बनाने का आदेश दिया है. यह फैसला सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग (Central Military Commission) की एक अहम बैठक में लिया गया.

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बैठक में किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया की सुरक्षा और लंबे समय तक शांति बनाए रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका एक मजबूत और आधुनिक सेना है. उन्होंने कहा कि सेना ऐसी होनी चाहिए जो किसी भी खतरे का तुरंत जवाब दे सके. इसी वजह से उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल किया है.

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बैठक में सेना के तकनीकी सिस्टम को अपग्रेड करने, परमाणु हथियारों की क्षमता बढ़ाने और सैन्य ठिकानों को आधुनिक बनाने की योजना पर चर्चा हुई. इसके अलावा नए नौसैनिक अड्डे बनाने, युद्धपोत तैयार करने की क्षमता बढ़ाने और शिपयार्ड को मजबूत करने पर भी सहमति बनी.

उत्तर कोरिया अपनी खुफिया एजेंसी को करेगा मजबूत

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रिपोर्ट के मुताबिर, उत्तर कोरिया अपनी सैन्य खुफिया एजेंसी रिकॉनिसेंस जनरल ब्यूरो (Reconnaissance General Bureau) को भी और मजबूत करेगा. इसका मकसद दूसरे देशों की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना और समय रहते जरूरी खुफिया जानकारी जुटाना है.

किम जोंग उन अपनी नेवी को मॉडर्न बनाने की जद्दोजहद में

KCNA ने बताया कि बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए नौसेना की ताकत बढ़ाने पर भी खास जोर दिया जा रहा है. इसके लिए नए नौसैनिक अड्डे बनाए जाएंगे और आधुनिक युद्धपोत तैयार किए जाएंगे. किम जोंग उन ने सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया.

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उत्तर कोरिया का यह फैसला ऐसे समय आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप और पूर्वी एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है. हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया कई मिसाइल परीक्षण कर चुका है. वहीं अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान भी क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास लगातार बढ़ा रहे हैं. ऐसे में किम जोंग उन का यह नया फैसला आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक संतुलन पर असर डाल सकता है.

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