निमिषा प्रिया पर फिर संकट, मौत की सजा पर अड़ा पीड़ित का भाई, विदेश मंत्रालय ने माफी के दावों को नकारा!

भारत के ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने इतना ही कहा कि निमिषा प्रिया पर कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा दावा गलत है. इस बीच पीड़ित के भाई द्वारा निमिषा के लिए मौत की सजा की मांग दोहराने से असमंजस पैदा हो गया है.

Advertisement
निमिषा पर ग्रैंड मुफ्ती के दावे को MEA ने गलत करार दिया है. (File Photo: ITG) निमिषा पर ग्रैंड मुफ्ती के दावे को MEA ने गलत करार दिया है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की सजा को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है. 28 जुलाई को पहले खबर आई कि निमिषा प्रिया की मौत की सजा को पूरी तरह से खत्म (Overturn) कर दिया गया है. सोमवार को ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के कार्यालय ने दावा किया कि निमिषा प्रिया की मौत की सजा आधिकारिक रूप से रद्द कर दी गई है. यानी कि निमिषा को यमन में मौत की सजा नहीं होगी. 

Advertisement

लेकिन कुछ ही देर में भारत के विदेश मंत्रालय ने ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दावे का खंडन कर दिया. विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि निमिषा प्रिया पर कुछ लोगों द्वारा साझा की जा रही जानकारी गलत है. ग्रैंड मुफ्ती इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं.

विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद निमिषा प्रिया की स्थिति को लेकर अनिश्चतता पैदा हो गई है. अब सवाल यह है कि क्या निमिषा प्रिया की रिहाई होगी, अथवा अभी पुरानी स्थिति बरकरार है. यानी कि उनकी मौत की सजा अभी केवल रद्द हुई है. वहीं निमिषा की रिहाई का रास्ता देख रहे उसके पति और बेटी यमन पहुंच गए हैं.

पीड़ित परिवार की सजा देने की मांग कायम

इस बीच यमनी नागरिक अब्दुल फत्ताह महदी ने निमिषा प्रिया को तुरंत मृत्युदंड देने की सार्वजनिक रूप से मांग की है. निमिषा को यमन की अदालत ने अब्दुल फत्ताह महदी के भाई तलाल अब्दो महदी की हत्या का दोषी ठहराया है. 

Advertisement

एक सोशल मीडिया पोस्ट में अब्दुल फत्ताह ने यमन के अटॉर्नी जनरल को लिखे गए एक पत्र का साझा किया. अंग्रेजी वेबसाइट ऑनमनोरमा के अनुसार इसमें उन्होंने यमन के अटॉर्नी जनरल से जोर देकर कहा है कि उनका परिवार बिना किसी देरी के इस फैसले को लागू करने की मांग करता है. 

यह भी पढ़ें: शेख अबू बकर: 94 साल के ग्रैंड मुफ्ती जिन्होंने निमिषा प्रिया को बचाने के लिए यमन के मौलवियों से की बात, बोले- इस्लाम में कानून अलग है

अब्दुल फत्ताह ने अबू बकर मुसलियार के कार्यालय के इस दावे का भी खंडन किया कि उत्तरी यमन के अधिकारियों, एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल और शेख हबीब उमर बिन हफील द्वारा नियुक्त इस्लामी मौलवियों के एक समूह के बीच एक मीटिंग हुई थी. ताकि निमिषा की मौत की सजा को रद्द किया जा सके और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके. 

25 जुलाई को भेजे अपने पत्र में अब्दुल फत्ताह ने लिखा था कि निमिषा प्रिया को मौत की सजा के आदेश को यमन की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल से अंतिम स्वीकृति मिल गई है. पत्र में कहा गया है, "यह फैसला अब अंतिम और बाध्यकारी आदेश का स्टेट्स प्राप्त कर चुका है. इसलिए कानून के अनुसार इसे लागू करना अनिवार्य हो गया है और सभी संबंधित अधिकारियों को इसे बिना किसी देरी के लागू करना होगा.

Advertisement

बता दें कि निमिषा की सजा 16 जुलाई को निर्धारित थी. लेकिन भारत के मजहबी नेताओं की ओर से हुए मध्यस्थता के प्रयासों के बाद इसे अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था. 

अब्दुल फत्ताह ने इस देरी की निंदा करते हुए कहा था कि उनके परिवार ने "सभी सुलह और मध्यस्थता के प्रयासों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है, क्योंकि अपराध सभी सीमाओं को पार कर गया था."

 ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार का दावा क्या था?

हालांकि अबू बकर मुसलियार की ओर से निमिषा को बचाने की कोशिशें जारी थीं. 94 साल के ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया था कि निमिषा प्रिया की मृत्युदंड की सज़ा जिसे पहले निलंबित कर दिया गया था, अब रद्द कर दी गई है. सना में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में मृत्युदंड की सजा को पूरी तरह से रद्द करने का फैसला किया गया.

यमन की राजधानी पहुंचीं निमिषा की 13 साल की बेटी

इस बीच नर्स निमिषा की 13 साल की एक मात्र बेटी मिशेल और उनके पति उसकी रिहाई की राह देख रहे हैं. दोनों ही कुछ मध्यस्थों के साथ यमन की राजधानी सना पहुंच गए हैं. निमिषा की बेटी ने बेहद भावुक अपील करते हुए कहा है कि आई मिस यू मम्मी. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं मम्मी. कृपया मेरी मां को घर वापस लाने में मदद करें. मैं उनसे मिलना बहुत चाहती हूं. 

Advertisement

केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया 38 वर्ष की है. पेश से नर्स निमिषा साल 2008 में बेहतर रोजगार के लिए वह यमन गई थीं. निमिषा ने एक सरकारी अस्पताल में काम किया. 2017 में निमिषा पर यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप लगा. बाद में उन्हें दोषी पाया गया. 
 

Read more!
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »