नेपाल: भूकंप पीड़ि‍त महिला ने गुफा में दिया बच्ची को जन्म, चार दिन बाद अस्पताल पहुंचाया गया

नेपाल में शनिवार को आए भीषण भूकंप में गोरखा जिले के सौरपानी गांव भी पूरी तरह तबाह हो चुका था. उसी गांव की रहने वाली सुन कुमारी गुरूंग का भी घर भूकंप की वजह से ध्वस्त हो चुका था. 9 महीने का गर्भ लिए सुनकुमारी अपने ही घर के टूटे मलबे में बेहोश पड़ी थी.

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भूकंप वाले दिन जन्मी बच्ची, महिला ने नाम दिया भूईंचम्पा भूकंप वाले दिन जन्मी बच्ची, महिला ने नाम दिया भूईंचम्पा

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 30 अप्रैल 2015,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

में शनिवार को आए भीषण भूकंप में गोरखा जिले का सौरपानी गांव भी पूरी तरह तबाह हो चुका था. उसी गांव की रहने वाली सुन कुमारी गुरूंग का भी घर भूकंप की वजह से ध्वस्त हो चुका था. 9 महीने का गर्भ लिए सुनकुमारी अपने ही घर के टूटे मलबे में बेहोश पड़ी थी.

शाम को छह बजे स्थानीय ग्रामीणों ने सुन कुमारी को मलबे से बाहर निकाला और लगातार आ रहे भूकंप की वजह से पास के ही तोरोंग जंगल में ले गए, जहां सुन कुमारी ने तोरोंग जंगल की एक गुफा में एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन उस समय ना तो उसके पास कोई दवाइयां थी न ही नर्स. सुन कुमारी ने बताया कि के जन्म के समय न तो उसके पास खाने की कोई चीज थी, ना सेंकने के लिए गर्म पानी दवाई तो बहुत दूर की बात है. सिर्फ पानी पीकर सुनकुमारी ने चार दिन बताए.

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बुधवार को जब उसके गांव में हेलीकप्टर पहुंचा तो उस महिला को गोरखा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुन कुमारी तो ठीक है, लेकिन उसकी नवजात बेटी को जॉन्ड‍िस हो गया है और उसका इलाज चल रहा है. वहां डाक्टरों ने बच्ची का उपचार नहीं हो पाने की बात कह दी है. सुनकुमारी ने कहा कि उसके पास न तो पैसा है और न ही कोई साधन, जिससे वह दूसरे अस्पताल में जाकर इलाज करा सके.

मलबे में दबे होने के कारण खुद सुनकुमारी का दोनों पांव बुरी तरह जख्मी है. वह खुद भी चल फिर नहीं सकती और उसपर से अपनी नवजात बच्ची इलाज के अभाव में और बीमार होती जा रही है.

सुनकुमारी ने अपनी बेटी का नाम भूईंचम्पा रखा है. नेपाली में भूकम्प को भूईंचालो कहते है. चूंकि भूकम्प के दिन उसने बेटी को जन्म दिया इसलिए अपनी बेटी को वह भूईंचम्पा कहकर पुकारती है.

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