मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध आठवें दिन और भयानक हो गया है. इजरायल ने शनिवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 80 लड़ाकू विमानों ने तेहरान और इस्फहान को निशाना बनाया, जहां ईरान के अहम परमाणु ठिकाने मौजूद हैं. हमलों के दौरान ईरान के कई शहरों में जोरदार धमाके सुने गए. इस युद्ध में अब तक ईरान में 1332 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि खाड़ी देशों में भी करीब 10 लोगों के मारे जाने की खबर है. इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और मिडिल ईस्ट में हवाई यात्रा पर भी पड़ा है.
दुबई में ईरान का हमला
दूसरी ओर ईरान ने खाड़ी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे. शनिवार सुबह दुबई में कई धमाके सुने गए. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हवाई अड्डे के पास बड़ा धुआं उठता दिखाई दिया. अलर्ट जारी होने के बाद हवाई अड्डे के भीतर मौजूद यात्री सुरक्षित जगहों की ओर भागते नजर आए. बाद में विमान सेवाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया गया. दुबई प्रशासन ने बताया कि शहर के एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया था.
हालांकि अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किसी बड़ी घटना की चल रही खबरों को खारिज कर दिया है. दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से जुड़ी एक छोटी घटना हुई थी, जिसे सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया है. इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
ईरान ने पिछले एक हफ्ते में संयुक्त अरब अमीरात के शहरों दुबई और अबू धाबी पर कई बार हमले किए हैं. हालांकि इनमें से अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया. कई बार गिराए गए ड्रोन या मिसाइलों के मलबे से शहर में धुआं और आग लगने की घटनाएं भी हुई हैं.
ईरानी राष्ट्रपति ने मांगी थी माफी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी भी मांगी थी. उन्होंने कहा कि ईरान का किसी भी पड़ोसी देश पर हमला करने का इरादा नहीं है और यदि इन देशों से ईरान पर हमले नहीं होते हैं तो तेहरान भी अपने हमले रोक देगा. हालांकि उन्होंने यह भी साफ कहा कि ईरान किसी भी हालत में सरेंडर नहीं करेगा. उनका यह बयान ऐसे समय पर आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका तेहरान से बिना शर्त सरेंडर के अलावा किसी भी शर्त पर बातचीत नहीं करेगा.
राष्ट्रपति के संबोधन के बाद भी नहीं थमे हमले
हालांकि ईरान के राष्ट्रपति के संबोधन के बाद भी खाड़ी देशों पर हमले थमते नहीं दिखे. सऊदी अरब, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की नई घटनाएं सामने आईं. यूएई में अल-धाफरा एयर बेस पर भी इस हफ्ते दूसरी बार हमला हुआ. इस सैन्य अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका भी करता है. ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि ड्रोन के जरिए अमेरिकी हवाई युद्ध नियंत्रण केंद्र, सैटेलाइट कम्युनिकेशन हब और रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया.
वहीं कतर ने भी अपने ऊपर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले को नाकाम करने का दावा किया है. सऊदी अरब ने भी बताया कि शनिवार को मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक शायबह की ओर बढ़ रहे 16 ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया. इसके अलावा ईरान ने जॉर्डन के मुवाफ्फक साल्ती एयर बेस पर तैनात अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम के एक अहम हिस्से को भी नष्ट करने का दावा किया है.
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