अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग तीसरे दिन भी बदस्तूर जारी है. ईरान के सुप्रीम लीडर समेत टॉप लीडरशिप का खात्मा हो चुका है. नए अंतरिम सुप्रीम लीडर का ऐलान हो चुका है. ईरान अपने लीडर की मौत से बौखलाया हुआ है और रह-रहकर जवाबी हमले कर रहे हैं. इन सबके बीच अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ वॉर की अहम बैठक हुई.
इस बैठक के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू नहीं किया लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई में हम इस युद्ध को खत्म जरूर करेंगे.
हेगसेथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका और इजरायल का ये ज्वॉइंट ऑपरेशन ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं था लेकिन हमारे इस ऑपरेशन से यकीनन ईरान में सत्ता बदली है.
उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान की मिसाइलों, नौसेना की क्षमताओं को नष्ट करना था. ईरान में चलाया गया हमारा यह ऑपरेशन देश की सैन्य क्षमताओं को पंगु बनाने और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से किया गया है.
अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करेंगे- हेगसेथ
हेगसेथ ने कहा कि ईरान के पूर्व नेतृत्व को समझौते का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने इसका लाभ नहीं उठाया. पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान शक्तिशाली मिसाइलें और ड्रोन तैयार कर रहा था ताकि वह परमाणु ब्लैकमेलिंग कर अपने लिए सुरक्षा कवच बना सके. उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान परमाणु बम की दिशा में बढ़ते हुए हमारे सिर पर बंदूक ताने हुए था.
पिछले साल जून में हुए इजरायल-ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा खड़ा करता है तो उसे और कठोर परिणाम भुगतने होंगे. राष्ट्रपति ट्रंप, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेयर्ड कुश्नर ने कूटनीतिक समाधान के लिए जोरदार कोशिशें कीं, लेकिन तेहरान ने गंभीरता से बातचीत करने से इनकार कर दिया.
यह ऑपरेशन कब तक खत्म होगा. इस सवाल का जवाब देते हुए हेगसेथ ने कहा कि ये इराक नहीं है. ये अंतहीन युद्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि ये मिलिट्री एक्शन की कीमत चुकानी पड़ रही है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध की शर्तें शुरुआत से अंत तक अमेरिका ने तय की हैं और उन्होंने इसकी तुलना लंबे समय तक चले युद्धों से किए जाने को खारिज कर दिया. हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अंतहीन युद्धों की कीमत को अच्छी तरह समझते हैं और वे इराक जैसे अनुभव को दोहराने नहीं देंगे.
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