वॉशिंगटन में अगले हफ्ते शुरू हो सकती है इजरायल–लेबनान के बीच बातचीत

सीजफायर के ऐलान के बावजूद इजरायल की ओर से लेबनान में कई बार हमले हुए हैं. वहीं अब इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है. इससे युद्ध थम सकता है.

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लेबनान में सीजफायर की घोषणा के बावजूद हमले  हुए हैं. (Photo: ITG) लेबनान में सीजफायर की घोषणा के बावजूद हमले हुए हैं. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:08 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2 हफ्तों तक सीजफायर ऐलान के बावजूद इज़रायल ने लेबनान में हमले किए, जिनमें कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई. अब बताया जा रहा है कि इज़रायल और लेबनान के बीच बातचीत अगले हफ्ते वॉशिंगटन स्थित स्टेट डिपार्टमेंट में शुरू हो सकती है.

सूत्रों के अनुसार, बातचीत में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व लेबनान में अमेरिका के राजदूत मिशेल इस्सा द्वारा किया जायेगा, जबकि इजरायल की ओर से अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लाइटर शामिल होंगे. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लेबनान की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा.

अमेरिका-ईरान की बातचीत के लिए पाकिस्तान में कड़े इंतजाम

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ईरान और अमेरिका डेलिगेशन के बीच 11 अप्रैल को पाकिस्तान में मीटिंग होगी. इस बैठक का स्थल इस्लामाबाद का सेरेना होटल होगा, यह तेज कूटनीतिक गतिविधियां का केंद्र बना हुआ है. इस वार्ता का उद्देश्य नाज़ुक युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में आगे तनाव बढ़ने से रोकना है.

पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. हालात का जायजा लेने के लिए अमेरिका से 30 सदस्यों की एक अग्रिम टीम इस्लामाबाद पहुंची, जो यह आकलन कर रही है कि पाकिस्तान सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह संभाल रहा है.

गुरुवार को पाकिस्तान ने अमेरिका को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के उद्देश्य से ईरान के साथ होने वाली बातचीत से पहले, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह सुरक्षित और अनुकूल माहौल प्रदान किया जाएगा.

सीजफायर के बाद भी जारी हमले

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सीजफायर के ऐलान के बावजूद इज़रायल–हिज़्बुल्लाह संघर्ष के बीच कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं. जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा था कि ईरान–अमेरिका युद्धविराम की शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं. उन्होंने अमेरिका से साफ तौर पर कहा कि उसे एक विकल्प चुनना होगा, या तो युद्धविराम, या फिर इज़रायल के ज़रिए जारी सैन्य कार्रवाई.

उधर, सीजफायर उल्लंघन की खबरों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी चिंता जताई. शहबाज शरीफ ने कहा कि संघर्ष क्षेत्र के कुछ हिस्सों से युद्धविराम के उल्लंघन की सूचनाएं मिली हैं, जो शांति प्रक्रिया की भावना को कमजोर करती हैं.

शहबाज शरीफ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी और कहा कि तय सहमति के अनुसार युद्धविराम की घोषणा का सख्ती से पालन किया जाए.

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