'हम कतर नहीं हैं, तगड़ा जवाब देंगे...', ईरान में इजरायली हमले से क्यों बौखलाया PAK

इजरायल ने तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के पास गुरुवार रात हमले किए, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया. पाकिस्तान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वो चुप नहीं बैठेगा. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश भी की है.

Advertisement
दूतावास पर इजरायल के हमलों से पाकिस्तान बौखला गया है (File Photo: Reuters) दूतावास पर इजरायल के हमलों से पाकिस्तान बौखला गया है (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात करीब 8 बजे बड़े हमले किए. यह हमला पाकिस्तानी दूतावास और राजदूत के आवास के बेहद करीब हुआ जिससे पूरा इलाका हिल उठा. इस हमले को लेकर पाकिस्तान बौखला गया है और उसने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. पाकिस्तान ने इजरायल को धमकाते हुए कहा है कि वो कतर नहीं है जो चुपचाप हमले सह लेगा.

Advertisement

शुरुआती जानकारी के मुताबिक दूतावास परिसर सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया और पाकिस्तान के सभी राजनयिक और उनके स्टाफ सुरक्षित हैं. दूतावास की खिड़कियों के कांच भी सलामत हैं लेकिन आसपास की इमारतें हमलों की गंभीर तरीके से हिल गईं.

इस हमले के बाद पाकिस्तानी सरकार से जुड़े पाकिस्तान स्ट्रैटेजिक फोरम ने कड़ी टिप्पणी की है और इजरायल को धमकी दी है. बयान में कहा गया, 'इजरायल को याद रखना चाहिए, पाकिस्तान कतर नहीं है. अगर दुनिया में कहीं भी हमारे डिप्लोमैट्स को नुकसान पहुंचा, तो हम ऐसा हमला करेंगे कि याद रखोगे.'

ईरान में कूटनीतिक इलाकों के पास हमले

ताजा हवाई हमलों में ईरान के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया, जिनमें डिप्लोमैटिक आवासों के आसपास के इलाके भी शामिल हैं. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है.

Advertisement

इस बीच इजरायल और अमेरिका ईरान के तेहरान, काशान और आबादान जैसे कई शहरों में बार-बार हमले कर रहे हैं जिससे जंग और तेज होती जा रही है.

पाकिस्तान के दूतावास के पास हुए हमलों ने संकट में एक नया भू-राजनीतिक तनाव जोड़ दिया है, खासकर तब जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश

पाकिस्तान ने इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है. इस्लामाबाद के अधिकारियों ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान दोनों सहमत हों, तो पाकिस्तान बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है.

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत की तैयारी चल रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले भी अप्रत्यक्ष बातचीत हुई है और बहुत जल्द पाकिस्तान में एक बैठक की तैयारी की जा रही है.

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के लिए तय की गई समयसीमा को टालने का ऐलान किया है. यह समयसीमा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़ी थी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज बंद रहा तो ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

Advertisement

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'बातचीत जारी है और फेक न्यूज मीडिया की गलत बातों के बावजूद यह बहुत अच्छी तरह चल रही है.' उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की डेडलाइन अब बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दी गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement