अयातुल्ला अली खामेनेई: शिया वर्ल्ड का सबसे बड़ा नेता, साधारण मौलवी से सुप्रीम लीडर बनने तक का सफर

इजरायली-अमेरिकी हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. खामेनेई ने 36 सालों तक ईरान की सत्ता संभाली. ईरान का सुप्रीम लीडर बनने से पहले वो देश के राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री के पद पर भी रहे. एक आम मौलवी से सुप्रीम लीडर बनने तक का सफर उनके लिए आसान नहीं था.

Advertisement
खामेनेई कैसे ईरान के सुप्रीम लीडर बने? (Photo: ITG) खामेनेई कैसे ईरान के सुप्रीम लीडर बने? (Photo: ITG)

aajtak.in / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायली-अमेरिकी हमले में मौत हो गई है. 86 वर्ष की उम्र में उनकी मौत के साथ ही मिडिल-ईस्ट के एक सबसे शक्तिशाली अध्याय का अंत हो गया है. खामेनेई पिछले 37 सालों से ईरान की सत्ता पर काबिज थे. वो न सिर्फ ईरान के सबसे बड़े नेता थे, बल्कि पूरी दुनिया में शिया राजनीति के सबसे बड़े चेहरों में से एक माने जाते थे.

Advertisement

खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल, 1939 को ईरान के मशहद में हुआ था. उनका ताल्लुक एक साधारण मौलवी परिवार था. उन्होंने बहुत कम उम्र में ही मजहबी शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी. आगे की पढ़ाई के लिए वो 1950 के दशक में कुम चले गए और महज 11 साल की उम्र में मौलवी बन गए.

कुम में खामेनेई की मुलाकात इस्लामी क्रांति के जनक अयातुल्ला रुहुल्लाह खुमैनी से हुई. खुमैनी के विचारों ने खामेनेई की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया और धीरे-धीरे वो खुमैनी के सबसे भरोसेमंद शागिर्दों में से एक बन गए.

खामेनेई को बम से मारने की कोशिश

खामेनेई ने 1960 के दशक में ईरान के शाह (राजा) के खिलाफ हुए प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. शाह की पुलिस ने उन्हें 6 बार गिरफ्तार किया और उन्हें जेल में रखा गया. 1979 में जब इस्लामी क्रांति सफल हुई, तो खामेनेई नई सरकार के सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे. 1981 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर बम से हमला हुआ. इस हमले में उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए पैरालाइज हो गया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: खामेनेई की मौत के बाद किसे मिलेगी ईरान की कमान? ये 2 नाम आ रहे सामने

खामेनेई को ईरान के उप-रक्षा मंत्री बनाए गए और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) बनाई. आज के दौर में IRGC  ईरान की सबसे शक्तिशाली सेना है.

राष्ट्रपति पद और ईरान-इराक युद्ध

खामेनेई को 1981 में ईरान का राष्ट्रपति बनाया गया और वो करीब 8 साल तक इस पद पर रहे. उनके राष्ट्रपति रहते ही इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला कर दिया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच 8 साल तक जंग चली.

सुप्रीम लीडर की नियुक्ति

साल 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी का निधन हो गया. उनके जाने के बाद अली खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया. उनके कार्यकाल में ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ाया. इसी वजह से अमेरिका और इजरायल के साथ उनके रिश्ते दुश्मनी में बदल गए. खामेनेई की पहचान एक बेहद सख्त और कट्टरपंथी नेता के रूप में थी. 

यह भी पढ़ें: US-Israel Iran Strike LIVE: खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक और एक हफ्ते का पब्लिक हॉलिडे

अब ईरान का भविष्य क्या?

खामेनेई की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उत्तराधिकारी का है. ईरान ने जल्द नए सुप्रीम लीडर की घोषणा करने की बात की है. ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के तौर पर खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई और ईरान के संस्थापक अयातुल्ला खुमैनी के पोते हसन खुमैनी का नाम चर्चा में है. हालांकि, नए सुप्रीम लीडर का चुनाव 'विशेषज्ञों की परिषद' करेगी और इस प्रक्रिया में IRGC का अहम रोल होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement