ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने इजरायल के पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के दावे पर प्रतिक्रिया है. उन्होंने खामेनेई की मौत को इस्लामी गणतंत्र के अंत की शुरुआत बताया है और खामेनेई को इतिहास से मिटा दिया गया है. रजा पहलवी ने ईरानी लोगों से सड़कों पर उतरकर निर्णायक विद्रोह की तैयारी करने की अपील की है.
रेजा पहलवी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने खामेनेई को हमारे समय का खूंखार तानाशाह और ईरान के सबसे बहादुर बेटों-बेटियों के हत्यारे करार दिया.
उन्होंने लिखा, 'खामेनेई की मौत के साथ इस्लामी गणराज्य वास्तव में समाप्त हो चुका है और जल्द ही इतिहास के कूड़ेदान में पहुंच जाएगा.'
खामेनेई को वफादरों को चेतावनी
पहलवी ने शासन के वफादारों को चेतावनी देते हुए कहा कि खामेनेई का उत्तराधिकारी नियुक्त करने की कोई भी कोशिश शुरू से ही विफल रहेगी. उनके अनुसार, किसी भी नए व्यक्ति के पास न तो वैधता होगी और न ही वह लंबे वक्त तक टिक पाएगा, क्योंकि वह इस दमनकारी शासन के अपराधों में भागीदार माना जाएगा. उन्होंने कहा कि यह समय शोक का नहीं, बल्कि ईरान के भविष्य को सुरक्षित करने का है.
सेना और सुरक्षाबलों का आखिरी मौका
ईरानी सेना, कानून प्रवर्तन और सुरक्षाबलों को सीधे संबोधित करते हुए पहलवी ने कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने के उनके प्रयास सफल नहीं होंगे.
उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि ये राष्ट्र के साथ जुड़ने का उनका अंतिम अवसर है. पहलवी ने उनसे अपील की कि वह एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य के लिए ईरान के स्थिर संक्रमण (Transition) में मदद करें. उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के लिए अपनी छवि सुधारने का मौका बताया.
'ये जश्न का वक्त'
क्राउन प्रिंस ने कहा कि खामेनेई की मौत पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम का काम कर सकती है. हालांकि, इससे पुराने खून-खराबे का बदला पूरा नहीं होता.
उन्होंने भविष्यवाणी की कि ये ईरान के महान राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है. पहलवी ने जनता को संकेत दिया कि सड़कों पर व्यापक और निर्णायक उपस्थिति का समय बहुत करीब है. अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के आंतरिक हालातों पर टिकी हैं.
रजा पहलवी का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर खामेनेई के मारे जाने की घोषणा के कुछ देर बाद आया है. हालांकि, ईरानी राज्य मीडिया ने खामेनेई की मौत से जुड़े दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने अमेरिका-इजरायल के इस कदम को मेंटली वॉरफेयर करार दिया है और कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर बिल्कुल सुरक्षित हैं.
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