ईरान ने एक बार फिर इजरायल के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं. रविवार को ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 54वीं लहर शुरू करते हुए इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इस हमले में ईरान ने पहली बार अपनी घातक ठोस-ईंधन वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, इस ताजा हमले का मकसद इजरायल के प्रशासनिक और फैसले लेने वाले केंद्रों को तबाह करना था. ये वो केंद्र हैं जो इजरायल के हवाई अभियानों को कंट्रोल और प्रभावित करते हैं.
ईरानी सेना ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में इजरायल के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इसमें इजरायल के रक्षा बुनियादी ढांचे और इजरायली बलों के जमावड़े वाले स्थान भी शामिल हैं.
कई तरह की एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल
ईरान ने इन हमलों को बदले की कार्रवाई करार दिया है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कई तरह की एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. इनमें खोर्रमशहर, खैबर-शेखन, काद्र और इमाद मिसाइलें शामिल थीं.
पहली बार 'सजिल' मिसाइलों का इस्तेमाल
ईरान ने इस ऑपरेशन में पहली बार ठोस-ईंधन वाली 'सजिल' मिसाइलों का इस्तेमाल किया. ठोस-ईंधन वाली मिसाइलों को बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलता.
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दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान का हमला
बता दें कि ईरान ने सोमवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास भी ड्रोन अटैक किया था. इस हमले की वजह से एयरपोर्ट पर आग लग गई और आसमान से काले धुएं का गुबार उठ गया. हमले के चलते कई उड़ानें रद्द और निलंबित कर दी गई हैं.
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