'UAE-बहरीन के तटों पर कब्जा होगा अगर...', जंग के बीच ईरानी एक्सपर्ट का बड़ा दावा

ईरान के एक एक्सपर्ट ने कहा है कि उनका देश यूएई व बहरीन के तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार है. ईरान की तरफ से ये टिप्पणी ऐसे वक्त में की गई है जब हाल ही में यूएई ने ईरानी हमलों की निंदा की और अमेरिका के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी मजबूत की है.

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ईरान ने बहरीन और यूएई को बड़ी धमकी दी है (Photo: Reuters) ईरान ने बहरीन और यूएई को बड़ी धमकी दी है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

ईरान ने सोमवार को ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने उसके तटों या द्वीपों पर किसी भी तरह का हमला किया तो पूरे फारस की खाड़ी में बारूद बिछा देंगे. ईरान की रक्षा परिषद ने एक बयान में चेतावनी देते हुए कहा कि तटों और द्वीपों पर हमले की स्थिति में खाड़ी देशों तक जाने वाले सभी समुद्री रास्तों को बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा. 

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इस चेतावनी के बाद अब ईरान के एक सुरक्षा विश्लेषक मोर्तेजा सिमियारी ने दावा किया है कि अगर अमेरिका ईरान के तटों या द्वीपों पर हमला करता है तो ईरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन के तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के एजेंडे में शामिल है.

ईरान की सरकारी टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में सिमियारी ने यह दावा किया. ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB से बातचीत में सिमियारी ने कहा कि अगर अमेरिका क्षेत्र में 'कोई गलती करता है' तो ईरान की सेना कार्रवाई करने के लिए तैयार है.

उन्होंने आगे कहा कि ईरान के सशस्त्र बल अमीरात और बहरीन के तटों पर कब्जा करने और क्षेत्र की बुनियाद बदलने के लिए तैयार हैं.

सिमियारी ने चेतावनी देते हुए कहा, 'यूएई और बहरीन के तटों पर कब्जा करना ईरान के एजेंडे में शामिल है.'

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अमेरिका पर खाड़ी देशों की बढ़ती निर्भरता और उठते सवाल

यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायेद ने ईरानी हमलों की निंदा की थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा था, 'यूएई आतंकियों के दबाव में कभी नहीं आएगा.'

बिन जायेद की यह प्रतिक्रिया अमेरिका में फ्रांस के पूर्व राजदूत जेरार्ड अरो के उस बयान के जवाब में आई थी, जिसमें उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश के अमेरिका के साथ बढ़ते सहयोग पर सवाल उठाए थे.

गरगाश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि ईरान की आक्रामकता के चलते यूएई अमेरिका के साथ अपनी 'सुरक्षा साझेदारी' को और मजबूत कर रहा है.

इस पर फ्रांस के राजदूत ने जवाब दिया कि 'ऐसी नीति अपनाने का मतलब है खुद को ऐसे देश पर और अधिक निर्भर बनाना, जिसने आपके हितों की परवाह किए बिना आपको एक विनाशकारी संघर्ष में झोंक दिया.'

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ खाड़ी के पड़ोसी देशों में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया है.

युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक यूएई ने 338 बैलिस्टिक मिसाइलों और 1,740 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है.

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