रुस, चीन और ईरान ने मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026 के तहत रणनीतिक होर्मूज स्ट्रेट क्षेत्र में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास के लिए अपने जहाज तैनात किए हैं . रुसी और ईरानी सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. भू-राजनीतिक थिंक-टैंक ग्लोबल सर्विलांस ने इस कदम को "अचानक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण" बताया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का युद्धपोत स्टोइकी संयुक्त अभ्यास से पहले ईरान के रणनीतिक बंदर अब्बास बंदरगाह पर पहुंच गया है. यह अभ्यास इस सप्ताह के अंत में ईरान की नौसेना के साथ शुरू होने वाला हैं. ये अभ्यास ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में होने की उम्मीद है.
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तेहरान ने इसे समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और सैन्य सहयोग बढाने का प्रयास बताया है. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब इस क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी बढ रही है.
परमाणु कार्यक्रम पर चल रही बातचीत
18 फरवरी को रूसी रक्षा मंत्रालय और ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि ईरान और रूस इस सप्ताह संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करेंगे इसी दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत कर रहे हैं.
रूस की सेना ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उसका युद्धपोत ईरान के एक बंदरगाह पर पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है. ग्लोबल सर्विलांस की रिपोर्ट के अनुसार, स्टोइकी युद्धपोत बुधवार सुबह ईरान के रणनीतिक नौसैनिक अड्डे बंदर अब्बास पहुंचा, जहां ईरान की नौसेना का मुख्य ठिकाना है.
ईरान ने जारी किया NOTAM
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने सक्रिय NOTAM नोटिस टू एयरमैन भी जारी किए हैं. जिनसें पायलट्स को हवाई क्षेत्र में संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दी हैं. वहीं अमेरिकी मीडिया ने खबर दी हैं कि अमेरीकी सेना ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है. यह कार्रवाई इस सप्ताह के अंत में हो सकती है. हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है.
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यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से दी गई है सबसे पहले यह खबर CNN ने दी, जिसमें कहा गया कि सैन्य तैयारी काफी आगे बढ़ चुकी है और क्षेत्र में जरूरी सैन्य संसाधन तैनात कर दिए गए हैं अब केवल राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है.
रूस-चीन ने भी तैनात किए युद्धपोत
इनके अलावा, एक वीडियो में जहाज से मिसाइल दागते हुए देखा गया है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि रूसी और ईरानी नौसेना ने मिलकर कार्रवाई की, ताकि नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. ग्लोबल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक रूस, चीन और ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास के लिए अपने युद्धपोत तैनात किए हैं.
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