फरवरी 2026 का तीसरा हफ्ता ईरान के लिए बेहद भारी साबित हो रहा है. एक तरफ बंद कमरों में परमाणु बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर देश की सड़कों पर गुस्सा और मातम का माहौल है. अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य अभ्यास कर ताकत का प्रदर्शन कर रहा है. ताजा अपडेट्स के साथ समझिए, ईरान में क्या हो रहा है.
ईरान पर कब हमला करेगा US?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बताया है कि अमेरिकी सेना ईरान पर शनिवार तक हमला करने के लिए तैयार हो सकती है. हालांकि अभी तक ट्रंप ने अंतिम फैसला नहीं लिया है कि कार्रवाई को हरी झंडी दी जाए या नहीं. रिपोर्ट के मुताबिक, फैसले की समयसीमा इस सप्ताह से आगे भी बढ़ सकती है. इस बीच पेंटागन संभावित हालात के लिए तैयारी कर रहा है.
खामेनेई का सख्त संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने साफ शब्दों में अमेरिका की मांगों को खारिज कर दिया है. अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह यूरेनियम संवर्धन बंद करे और अपने मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करे. लेकिन खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने “परमाणु अधिकारों” से पीछे नहीं हटेगा. इसी दौरान ओमान के जरिए जिनेवा में अप्रत्यक्ष वार्ता चल रही थी, जहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिनिधियों से मुलाकात की. अमेरिका की ओर से संकेत दिया गया कि कुछ “रेड लाइन” पार नहीं की जा सकतीं, हालांकि दोनों पक्ष बुनियादी सिद्धांतों पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.
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बातचीत में उम्मीद की झलक
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में “अच्छी प्रगति” हुई है. ईरान ने अस्थायी रूप से यूरेनियम संवर्धन रोकने और क्षेत्रीय परमाणु सुविधाओं के प्रस्ताव की बात की है. बदले में वह 6 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति और प्रतिबंधों में राहत चाहता है. दो हफ्ते बाद फिर से वार्ता होने की संभावना है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी निरीक्षण बढ़ाने की तैयारी में है, लेकिन अमेरिका ने सैन्य विकल्प भी खुला रखा है.
सड़कों पर गुस्सा और मातम
ईरान के सात प्रांतों में 12 स्थानों पर प्रदर्शन हुए. ये प्रदर्शन 8 जनवरी के पीड़ितों की 40वीं बरसी के मौके पर आयोजित किए गए. तेहरान और शिराज में सरकार विरोधी नारे लगे. इस दौरान गोलियां चलने की खबरें भी सामने आईं. 18 फरवरी को परिवारों ने स्मृति सभाएं कीं और कुछ स्कूलों में हड़ताल देखी गई. माहौल में डर और विरोध दोनों साफ नजर आ रहे हैं.
मौत की सजाएं और सख्ती
शाहिनशहर के तीन भाइयों को मौत की सजा सुनाई गई है. आरोप है कि उनसे दबाव में कबूलनामे लिए गए. उनके अलावा 14 अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन मुकदमे चल रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सरकार विरोध को दबाने के लिए फांसी की सजा का इस्तेमाल बढ़ा रही है.
परमाणु ठिकानों की मरम्मत
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 2025 में हमलों से क्षतिग्रस्त सुरंगों और मिसाइल ठिकानों की मरम्मत की जा रही है. अमेरिकी बमबारी के बाद इन ठिकानों को और मजबूत बनाया जा रहा है. यह कदम अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच उठाया गया है.
होर्मुज में ताकत का प्रदर्शन
17-18 फरवरी को आईआरजीसी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य अभ्यास किया. नए ड्रोन और मिसाइलों का परीक्षण किया गया. तेहरान में विस्फोटों की खबरें भी सामने आईं. यह संकेत था कि ईरान किसी भी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है.
गुप्त जेलों का खुलासा
रिपोर्टों के मुताबिक हजारों लोगों को “ब्लैक बॉक्स” कहे जाने वाले गुप्त केंद्रों में रखा गया है, जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. दावा किया जा रहा है कि 10 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. मानवाधिकार संगठनों ने इस पर गंभीर चिंता जताई है.
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अमेरिका की सैन्य तैयारी
खाड़ी देशों और इज़रायल को बड़े पैमाने पर अमेरिकी हथियार भेजे गए हैं. THAAD और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तैनात किए गए हैं. इसके अलावा सैकड़ों फाइटर जेट भी क्षेत्र में भेजे गए हैं. संकेत है कि अगर बातचीत विफल रही तो हवाई हमले किए जा सकते हैं, हालांकि जमीनी सेना भेजने की योजना नहीं है.
दुनिया की नजरें ईरान पर
व्हाइट हाउस ने ईरान से समझौता करने की अपील की है. इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग दोहराई है. विदेशों में ईरानी समुदाय रैलियां कर रहा है और रेजा पहलवी भी खुलकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
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