'अगर वे लड़ेंगे तो हम पलटवार करेंगे, धमकी के आगने नहीं झुकेंगे', ट्रंप को ईरान की दोटूक

ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयानों में, ईरानी संसद के स्पीकर ने ट्रंप की हालिया धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि इनका ईराने पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

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यूएस-ईरान के बीच नहीं थम रहा टकराव (File Photo: ITG) यूएस-ईरान के बीच नहीं थम रहा टकराव (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:58 AM IST

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने वॉशिंगटन को एक कड़ी चेतावनी दी है. यह चेतावनी उन्होंने तब दी, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि इस्लामाबाद में बातचीत फेल रहने के जवाब में जल्द ही अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट में प्रवेश करने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाज़ों की नाकेबंदी शुरू कर देंगे.

ईरानी सरकारी मीडिया में छपे बयानों में गालिबफ ने ट्रंप की हालिया धमकियों को ख़ारिज करते हुए कहा कि इन बयानों का ईरानी राष्ट्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान ने अमेरिका के साथ हालिया बातचीत में सद्भावना के साथ हिस्सा लिया था. 

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रविवार को गालिबफ ने कहा, "हमने ईरान की सद्भावना दिखाने के लिए बहुत अच्छी पहल की थी, जिससे बातचीत आगे बढ़ी."

'हम एक और बड़ा सबक...'

इस्लामाबाद से तेहरान लौटने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गालिबफ ने कहा, "अगर वे लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे और अगर वे तर्क के साथ आगे आएंगे, तो हम भी तर्क के साथ ही पेश आएंगे. हम किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे. उन्हें एक बार फिर हमारी इच्छाशक्ति की परीक्षा लेने दीजिए, जिससे हम उन्हें एक और भी बड़ा सबक सिखा सकें."

पाकिस्तान की राजधानी में हुई ये बातचीत, एक दशक से भी ज़्यादा वक्त में अमेरिका और ईरान के बीच पहली सीधी मुलाक़ात थी. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अब तक की सबसे उच्च-स्तरीय चर्चा थी. अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, "बुरी ख़बर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं, मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए ज़्यादा बुरी ख़बर है."

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यह भी पढ़ें: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की बड़ी चेतावनी! होर्मुज़ स्ट्रेट के पास आए सैन्य जहाज, तो टूटेगा सीजफायर

होर्मुज़ की नाकेबंदी से तनाव में भारी बढ़ोतरी के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज पर बयान देने के बाद सीजफायर की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं. उन्होंने कहा है कि वॉशिंगटन जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट में प्रवेश करने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर देगा.

इसके जवाब में, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह से उनकी नौसेना के कंट्रोल और 'स्मार्ट मैनेजमेंट' के अंडर है. आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग के करीब आने वाले किसी भी सैन्य जहाज को संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उससे सख्ती से निपटा जाएगा.

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