अमेरिकी हमला बंद, फिर चाबहार पर किसने मारी थी मिसाइल? ईरान में रहस्यमयी अटैक से सनसनी!

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को ईरान के स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 6:30 बजे बताया कि उसने हमलों का एक दौर पूरा कर लिया है, हैरानी की बात यह है कि ईरान पर हमले इस घोषणा के बाद हुए हैं. और इन हमलों की जिम्मेदारी अमेरिका ने नहीं ली है.

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ईरान पर रहस्यमयी हमला किसने किया है? (Photo: ITG) ईरान पर रहस्यमयी हमला किसने किया है? (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले बंद करने के बाद भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को निशाना कौन बना रहा है. ये एक अहम सवाल खड़ा हो गया है. अमेरिका के हमले रोकने की घोषणा के बाद ईरान पर हुए रहस्यमयी और बिना दावे वाले हवाई हमलों ने ईरानी प्रशासन को हैरानी में डाल दिया है. 

गुरुवार को हुए ये हमले तब हुए जब ईरान दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाने की तैयारी कर रहा था; इन हमलों ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों को अपनी चपेट में लिया. ईरान ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, हालांकि एक सांसद ने संयुक्त अरब अमीरात को चेतावनी दी है कि उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में कथित तौर पर मदद की है. 

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लेकिन हैरानी की बात यह है कि अमेरिका द्वारा इस घोषणा के कुछ समय बाद ही ईरान पर फिर से हमले हुए. ईरान की न्यूज एजेंसियां और सरकारी मीडिया ने देश के बुशहर और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों, अहवाज़ और चाबहार शहरों और अन्य इलाकों को निशाना बनाकर किए गए कई हवाई हमलों और धमाकों की खबर दी. 

सेंट्रल कमांड ने इन हमलों के बारे में टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया. तो सवाल है कि ईरान ये हमले किसने किए.

इससे पहले गुरुवार को हुए हमलों के जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और कतर को निशाना बनाते हुए कई हमले किए. इन चारों देशों में मिसाइल अलर्ट सायरन बजने लगे, जिससे लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे. 

ईरान के हमले के तुरंत बाद UAE के नेता शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान कुवैत गए ताकि तेल से मालामाल इस छोटे से देश के शासक अमीर से मिल सकें. खाड़ी के अरब देशों ने कतर के विदेश मंत्री से भी बातचीत की. 

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ईरान का कहना है कि सऊदी अरब और UAE दोनों ने ईरान पर हवाई हमले किए, क्योंकि तेहरान ने उनके देशों में ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया था. 

इज़रायल ने जून के बाद से इस इस्लामिक देश पर कोई हमला नहीं किया है. इज़रायल आमतौर पर ईरान पर किए गए अपने हमलों की ज़िम्मेदारी तुरंत ले लेता है. इज़रायल सरकार ने बताया कि नेतन्याहू ने गुरुवार रात ट्रंप से बात की जिसमें ट्रंप ने उन्हें "खाड़ी में अमेरिकी कदमों" के बारे में जानकारी दी. 

इज़रायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने भी चेतावनी दोहराई कि जरूरत पड़ने पर उनका देश ईरान का सामना करने के लिए तैयार है. 

काट्ज़ ने एक सैन्य समारोह में कहा, "इजरायली सेना अलर्ट पर है और अभियान को फिर से शुरू करने, हवाई वर्चस्व फिर से हासिल करने और खतरों को खत्म करने के लिए ईरान पर 'ब्लू-व्हाइट' (इज़राइली) हमला करने के लिए तैयार है, चाहे तीसरी बार ही क्यों न करना पड़े." उन्होंने कहा, "अगर हमें वापस लौटना पड़ा, तो हम और भी ज़्यादा ताकत के साथ लौटेंगे."

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अरब देश और अमेरिका इस बात पर जोर दे रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट जहाजों के आने-जाने के लिए खुला और मुक्त होना चाहिए. ईरान का कहना है कि इस स्ट्रेट पर उसका पूरा नियंत्रण होना चाहिए और जहाजों को तेहरान को शुल्क देना शुरू करना चाहिए. 
 

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