चाकू-कुल्हाड़ी से अटैक... मालदीव में भारत समर्थित पार्टी के वकील पर हमला

मालदीव के प्रॉसिक्यूटर जनरल पर हमले के बाद उनके ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शमीम पर ये हमला ऐसे समय पर किया गया है, जब हाल के दिनों में कई गैंग्स ने देश के कई सांसदों और अधिकारियों को निशाना बनाया है. एमडीपी ने इस हमले को पूरी तरह से सुनियोजित बताया है. उन्होंने कहा कि यह खतरनाक है और इस घटना की जांच की जानी चाहिए.

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हुसैन शमीम हुसैन शमीम

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

भारत और मालदीव के बीच राजनीतिक तनाव जस का तस बना हुआ है. इस तनातनी के बीच मालदीव के प्रॉसिक्यूटर जनरल हुसैन शमीम पर बुधवार को हमला किया गया. उन पर सरेआम चाकू और कुल्हाड़ी से कई वार किए गए.

इस हमले के बाद शमीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. उन्होंने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि वह ठीक हैं.

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इस हमले के बाद प्रॉसिक्यूटर जनरल के ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शमीम पर ये हमला ऐसे समय पर किया गया है, जब हाल के दिनों में कई गैंग्स ने देश के कई सांसदों और अधिकारियों को निशाना बनाया है. एमडीपी ने इस हमले को पूरी तरह से सुनियोजित बताया है. उन्होंने कहा कि यह खतरनाक है और इस घटना की जांच की जानी चाहिए.

प्रॉसिक्यूटर जनरल ने कहा कि आप सभी के प्यार और शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया. मुझ पर आज सुबह हमला किया गया. मेरा बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है. लेकिन अब मैं अस्पताल से अपने परिवार के पास घर लौट आया हूं. जल्द ही और फुर्ती के साथ काम पर लौटूंगा और साइकिलिंग और स्विमिंग करूंगा. 

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह की पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) ने शमीम को प्रॉसिक्यूटर जनरल नियुक्त किया था. बता दें कि भारत से तनातनी को लेकर चीन समर्थक मोहम्मद मुइज्जू की सरकार के खिलाफ मालदीव का विपक्ष लगातार हमलावर होता जा रहा है. मालदीव की विपक्षी पार्टी मालदीव जम्हूरी पार्टी (JP) ने मांग की है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों से माफी मांगें.

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मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग की तैयारी

राष्ट्रपति मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग की तैयारी ऐसे समय हो रही है, जब महीनेभर में भारत और मालदीव के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. जानकारी के मुताबिक, मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) संसद में महाभियोग लाने जा रही है. इसे द डेमोक्रेट्स पार्टी का समर्थन भी मिल रहा है. 

ये दोनों वहीं पार्टियां हैं, जो हाल ही में भारत के समर्थन खुलकर सामने आई थीं. इन दोनों पार्टियों ने कहा था कि 'मौजूदा सरकार का भारत विरोधी रुख चिंताजनक है. किसी भी बड़े साझेदार विशेष रूप से लंबे समय से हमारे सहयोगी देश को अलग-थलग करना हमारे लिए हितकर नहीं है.'

भारत और मालदीव के बीच कैसे शुरू हुआ तनाव?

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद मालदीव की सरकार के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी के इस दौरे की कुछ तस्वीरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद गहराया. मामले पर विवाद बढ़ने के बाद इन तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया गया था. 

दोनों देशों के इस तनाव के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू चीन के पांच दिन के राजकीय दौरे पर चले गए थे. इस दौरे से लौटने पर मुइज्जू लगातार भारत पर निशाना साध रहे हैं. 

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मुइज्जू ने मालदीव लौटते ही दो टूक कह दिया था कि हमें बुली करने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है. उन्होंने कहा था कि हम भले ही छोटा देश हो सकते हैं लेकिन इससे किसी को भी हमें बुली करने का लाइसेंस नहीं मिलता. हालांकि, मुइज्जू ने प्रत्यक्ष तौर पर किसी का नाम लेकर ये बयान नहीं दिया है. लेकिन माना जा रहा है कि उनका निशाना भारत की तरफ है.

इसके बाद मुइज्जू ने भारत से 15 मार्च से पहले मालदीव से अपने सैनिकों को हटाने को कहा था. बता दें कि चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू ने पांच दिन के अपने चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. उनका ये दौरा ऐसे समय पर हुआ था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मालदीव सरकार के तीन मंत्रियों को सस्पेंड किया गया. इस मामले को लेकर भारत और मालदीव दोनों देशों में राजनयिक विवाद बढ़ा हुआ है.

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