इजरायल की सेना IDF ने दक्षिण लेबनान में एक बड़ा ऑपरेशन किया. इसमें एक हिजबुल्लाह लड़ाके को मार गिराया गया और जमीन के नीचे बनी एक सुरंग में छुपाए गए हथियारों का बड़ा जखीरा पकड़ा गया.
IDF की 401वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के जवान दक्षिण लेबनान में तलाशी अभियान चला रहे थे. उन्हें एक ऐसी जगह मिली जहां से जमीन के नीचे जाने का रास्ता था यानी एक सुरंग का मुंह. जब जवान उसके पास पहुंचे तो अचानक उसमें से एक हिजबुल्लाह लड़ाका बाहर निकला. जवानों ने उसे बिल्कुल पास से लड़ते हुए मार गिराया.
जब जवानों ने उस सुरंग के अंदर देखा तो वहां हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला. इसमें बम बनाने का सामान, रॉकेट, RPG यानी कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले रॉकेट लॉन्चर और हथगोले यानी ग्रेनेड शामिल थे.
और क्या कार्रवाई हुई?
सुरंग के आसपास के इलाके में जवानों ने और भी हिजबुल्लाह के ठिकाने खोजे और उन्हें नष्ट किया. इन ठिकानों में भी और हथियार मिले. इसके अलावा इजरायली वायुसेना ने भी उसी इलाके में एक इमारत पर हवाई हमला किया. IDF की 215वीं आर्टिलरी रेजिमेंट ने वहां दो हिज्बुल्लाह लड़ाकों को पहचाना था जिसके बाद यह हमला किया गया.
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हिज्बुल्लाह कौन है?
हिज्बुल्लाह लेबनान का एक सशस्त्र संगठन है जिसे ईरान का समर्थन मिलता है. यह संगठन इजरायल को अपना दुश्मन मानता है और दोनों के बीच लंबे समय से लड़ाई चलती रही है. दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह की बहुत मजबूत मौजूदगी है और उसने वहां जमीन के नीचे सुरंगें और हथियारों के ठिकाने बना रखे हैं.
यह खबर अभी क्यों अहम है?
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत विफल रही है. ईरान की एक बड़ी मांग यह रही है कि इजरायल लेबनान पर हमले बंद करे. लेकिन इस ऑपरेशन से साफ है कि इजरायल अभी भी दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है.
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