मिडिल-ईस्ट में हालात अब स्थिर होते नजर आ रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है. ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल को अब लेबनान पर हमले करने से कर दिया गया है.
ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया है. इसे लेकर ट्रंप ने लिखा था, 'ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है. अब इसका इस्तेमाल दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में नहीं किया जाएगा.'
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इजरायल-लेबनान संघर्ष विराम को सख्ती से लागू करने की अपनी मंशा साफ कर दी. उन्होंने लिखा, 'इजरायल अब लेबनान पर बमबारी नहीं करेगा. उन्हें अमेरिका ने ऐसा करने से प्रतिबंधित कर दिया है. बस अब बहुत हो गया!'
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को 10 दिन हो चुके हैं. हाल ही में इजरायल और लेबनान के बीच भी 10 दिनों का सीजफायर हुआ है. हालांकि, ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की डील का लेबनान से कोई नाता न होने की बात कही है. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'फिर से! ये समझौता किसी भी तरह से लेबनान से जुड़ा नहीं है, लेकिन हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे.'
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बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई दिग्गज अधिकारियों की मौत हो गई थी. ईरान ने भी हमलों का जवाब देते हुए इजरायल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसके साथ ही अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें दागीं.
पिछले रविवार को पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता हुई. हालांकि ये वार्ता नाकाम साबित हुई थी. अब 22 अप्रैल को ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर समझौता खत्म होने वाला है. ऐसे में सवाल ये है कि दोनों देश सीजफायर जारी रखेंगे या फिर से जंग शुरू हो जाएगी.
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