सीजफायर खत्म, लेकिन बातचीत के दरवाजे खुले… डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को बड़ा संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी, लेकिन सीजफायर खत्म हो चुका है. हाल ही में कतर और सऊदी अरब के जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर टकराव बढ़ा था. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है और इसके जवाब में हजारों मिसाइलें तैयार हैं.

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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रहेगी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है. ट्रंप का यह बयान उस हफ्ते के बाद आया है जब खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया था. इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले रोकने का दबाव भी बढ़ा दिया है, जिससे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने की अपील की थी और अमेरिका इसके लिए तैयार हो गया है, लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि सीजफायर अब लागू नहीं है. हालांकि ईरान ने ट्रंप की इस बात से इनकार किया है. 

ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, ईरान ने बातचीत की मांग नहीं की, बल्कि कतर के एक मध्यस्थ की मेजबानी के लिए हामी भरी थी. रॉयटर्स को एक जानकार सूत्र ने बताया कि कतर के अधिकारी शुक्रवार को ईरान में मौजूद अधिकारियों से मिल रहे थे ताकि तनाव कम किया जा सके और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर बात हो सके.

यह टकराव तब बढ़ा जब कतर और सऊदी अरब के तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमला किया, और ईरान ने खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया. हालांकि शुक्रवार को स्थिति थोड़ी शांत रही और किसी नए हमले की खबर नहीं आई.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया है कि अगर ईरान उनकी हत्या की कोशिश करता है तो सेना तुरंत हमला करे. 

उन्होंने लिखा कि एक हजार मिसाइलें ईरान पर निशाना साधे तैयार खड़ी हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों और मिसाइलें भी भेजी जाएंगी. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल ने वाशिंगटन को खुफिया जानकारी दी थी कि ईरान ट्रंप की हत्या की योजना बना रहा है. इस पर ईरान की तरफ से अभी कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है.

गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटी, जहां कुछ लोगों ने ट्रंप के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां भी दिखाईं. खामेनेई की मौत जंग के पहले दिन एक हवाई हमले में हुई थी.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को ओमान पहुंचे ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर बातचीत हो सके. अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से कहे कि वह जहाजों पर हमले बंद करेगा. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस रास्ते से पहले दुनिया के तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता था, लेकिन जंग के दौरान ईरान ने इस पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया है.

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ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार और गुरुवार को छह शहरों पर हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई और 115 लोग घायल हुए. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी बात से पीछे हटने की कोशिश की तो इसका जवाब दिया जाएगा. यह जंग फरवरी के अंत में शुरू हुई थी और अब तक हजारों लोगों की जान ले चुकी है, साथ ही दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रही है.

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